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Pakur (Jaydev Kumar) : कड़ाके की ठंड, मायूस चेहरे और हाथों में थमे खाली डिब्बे जैसे मोबाइल कवर… यही हाल था उन लोगों का, जिनके मोबाइल फोन चोरी हो गए थे या कहीं गुम हो गए थे। रोजमर्रा की जिंदगी में मोबाइल सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि संपर्क, काम और भरोसे का सबसे अहम जरिया बन चुका है। ऐसे में मोबाइल का खो जाना लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। पाकुड़ पुलिस की एक पहल ने इसी परेशानी से जूझ रहे लोगों को राहत दी और उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी।
एक उम्मीद, जो एसपी कार्यालय तक पहुंची
पाकुड़ पुलिस द्वारा शुरू किए गए प्रोजेक्ट डिवाइस के तहत गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी कर उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में एसपी कार्यालय में एक सादा लेकिन भावनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसपी निधि द्विवेदी ने जब लोगों को उनके मोबाइल सौंपे, तो वह पल सिर्फ औपचारिकता नहीं था, बल्कि भरोसे की वापसी का क्षण था।
मोबाइल लौटे, साथ लौटी राहत
रफीकुल शेख, सनित कुमार डे, दिनेश प्रमाणिक, मैनक भट्टाचार्य और कामेश साहा के लिए यह दिन खास बन गया। किसी के मोबाइल में परिवार की तस्वीरें थीं, तो किसी के फोन में रोजी-रोटी से जुड़े जरूरी संपर्क। मोबाइल हाथ में आते ही चेहरों पर जो सुकून दिखा, वह पुलिस की मेहनत की सबसे बड़ी पहचान बन गया।
पुलिस की कोशिश, जनता का भरोसा
एसपी निधि द्विवेदी ने बताया कि प्रोजेक्ट डिवाइस की शुरुआत इसी सोच के साथ की गई है कि गुम या चोरी हुआ मोबाइल सिर्फ एक वस्तु नहीं, बल्कि व्यक्ति की जरूरतों और भावनाओं से जुड़ा होता है। नए साल के पहले सप्ताह में ही पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र से पांच मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाए गए हैं।
हर थाना क्षेत्र तक पहुंचेगी यह पहल
पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा। लक्ष्य साफ है—चोरी और गुमशुदा मोबाइल को खोजकर उन्हें सही हाथों तक पहुंचाना और आम लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत करना।
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