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News Samvad : IAF यानी इंडियन एयर फोर्स 7 और 8 मई को भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे रेगिस्तानी इलाकों और आस-पास के क्षेत्रों में एक बड़ा सैन्य अभ्यास यानी मॉक ड्रिल करने जा रही है। इस मॉक ड्रिल का मकसद वायुसेना की तैयारियों को परखना और दुश्मन को एक स्पष्ट संदेश देना है। इस दौरान वायुसेना के राफेल, मिराज 2000 और सुखोई-30 जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट्स शामिल होंगे। इनकी उड़ानें और युद्धाभ्यास भारत की युद्ध क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
यहां याद दिला दें कि बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने इस हमले के पीछे सीमापार आतंकी कनेक्शन का आरोप लगाया है और कई सख्त कदम उठाए हैं। भारत ने सिंधु जल संधि को रोकने का ऐलान किया है और पाकिस्तान के साथ व्यापारिक और वीजा संबंधों को भी समाप्त कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को पूरी ऑपरेशनल फ्रीडम दे दी है, जिससे सेना अब तय कर सकेगी कि कब, कहां और कैसे जवाब देना है। भारतीय सेना ने राजौरी, पुंछ और एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से हो रही गोलीबारी का भी मुंहतोड़ जवाब दिया है।
इसके साथ ही, गृह मंत्रालय ने 7 मई को देशभर में नागरिक सुरक्षा अभ्यास आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को संभावित शत्रुतापूर्ण हमलों के प्रति तैयार करना है।
मॉक ड्रिल्स में ये होंगे शामिल :
- एयर रेड सायरन की टेस्टिंग
- सिविल डिफेंस ट्रेनिंग – हमले के वक्त खुद को कैसे बचाएं.
- बंकर और खाइयों की सफाई
- ब्लैकआउट और कैमुफ्लाज अभ्यास
- हॉटलाइन और रेडियो लिंक की जांच
- कंट्रोल रूम की कार्यक्षमता की समीक्षा
गृह मंत्रालय ने कहा कि “वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति में जटिल और नए खतरे उभर रहे हैं, इसलिए राज्यों को नागरिक सुरक्षा के लिए हर वक्त तैयार रहना होगा।”
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