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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : शनिवार की रात घर में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। बात इतनी बढ़ी कि सिकंदर कुमार महतो उर्फ छाया गुस्से में घर से निकल गया। उसने पत्नी सरीता देवी को घर के अंदर बंद कर बाहर से ताला लगाया और फिर चला गया। परिवार को लगा कि गुस्सा शांत होने के बाद वह लौट आएगा, लेकिन सुबह जो खबर आई, उसने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया।
बरकाकाना-मुरी रेलखंड पर कमता बरवाटांड़ के पास पोल संख्या 385 के नजदीक सिकंदर की लाश मिली थी। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो चुकी थी। रात में घर से निकला एक आदमी सुबह रेल पटरी पर मृत मिला। आखिर वह वहां तक कैसे पहुंचा? क्या वह खुद रेल पटरी पर गया था या फिर यह एक दर्दनाक हादसा था? फिलहाल इन सवालों का जवाब साफ नहीं है। गोला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब घटना से पहले की पूरी कहानी जोड़ने में जुटी है।
पत्नी से विवाद के बाद निकला था घर
परिजनों के मुताबिक शनिवार रात सिकंदर और उसकी पत्नी सरीता देवी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। घर में कहासुनी के बाद सिकंदर काफी नाराज था। बताया गया कि उसने पत्नी को कमरे के अंदर बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद वह घर से निकल गया। यह आखिरी बार था, जब परिवार वालों ने सिकंदर को जिंदा देखा था।
रात गुजरती रही, लेकिन वह घर वापस नहीं आया। सुबह परिवार को पता चला कि बरकाकाना-मुरी रेलखंड पर एक शख्स ट्रेन की चपेट में आ गया है। जब घटनास्थल पर जाकर देखा गया तो वह सिकंदर था। देखते ही परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस घर से वह रात में गुस्से में निकला था, उसी घर में सुबह उसकी मौत की खबर पहुंची।

सिर में गंभीर चोट थी, गंजी से जख्म ढकने की कोशिश की
गोला थानेदार अभिषेक कुमार के मुताबिक ट्रेन की चपेट में आने से सिकंदर के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी थी। चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। घटनास्थल से जुड़ी जानकारी के मुताबिक घायल सिकंदर ने अपनी गंजी उतारकर सिर के जख्म को ढकने की कोशिश भी की थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हादसे के बाद वह कुछ समय तक होश में रहा होगा और मदद की उम्मीद कर रहा होगा। लेकिन उस समय आसपास कोई व्यक्ति तत्काल मदद के लिए मौजूद नहीं था। इलाज नहीं मिल पाने के कारण उसकी मौत हो गई। सुबह जब लोगों को घटना की जानकारी मिली, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मौत से पहले क्या हुआ था, यही सवाल पुलिस के सामने
सिकंदर की मौत को लेकर कहानी अभी पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ रात में पत्नी से विवाद और उसके बाद घर से निकलने की बात सामने आई है। दूसरी तरफ परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया है कि सिकंदर पहले कई बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। इसी वजह से पुलिस आत्महत्या की आशंका को भी जांच के दायरे में रख रही है। हालांकि पुलिस ने अभी यह नहीं कहा है कि सिकंदर ने जानबूझकर रेल पटरी पर जाकर अपनी जान दी। यह दुर्घटना भी हो सकती है। पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। सिकंदर घर से किस समय निकला, रेल पटरी तक कैसे पहुंचा, उस दौरान वह किस हालत में था और ट्रेन की चपेट में आने से पहले उसके साथ क्या हुआ, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह को लेकर तस्वीर साफ होगी।
एक कमाने वाला चला गया, पीछे रह गया पूरा परिवार
सिकंदर चालक का काम करता था। उसकी मौत ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उसके पीछे पत्नी सरीता देवी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। जिस परिवार में कुछ घंटे पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, वहां अब मातम है। हुप्पू पंचायत में भी घटना के बाद सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि सिकंदर की मौत से परिवार को बड़ा झटका लगा है। मुखिया प्यारेलाल महतो, पूर्व मुखिया आनंद महतो, पंचायत समिति सदस्य सिकंदर शर्मा और उप मुखिया किशोर कुमार महतो समेत ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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