अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : रांची की सड़कों पर पिछले दो दिनों से कुछ अलग हलचल देखने को मिली। देर रात अचानक कई इलाकों में पुलिस गाड़ियों के सायरन गूंजने लगे। कहीं पुलिस टीम किसी घर का दरवाजा खटखटा रही थी, तो कहीं गलियों में जवान संदिग्धों की तलाश में दौड़ लगा रहे थे। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पुलिस की एक साथ चल रही इस कार्रवाई ने अपराधियों की नींद उड़ा दी। रांची पुलिस ने इस बड़े अभियान को नाम दिया “ऑपरेशन प्रहार”। इस अभियान के तहत 100 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 220 से अधिक लंबित वारंटों का निष्पादन किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह रांची पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाइयों में से एक है।
एक आदेश और पूरे जिले में एक्टिव हो गई पुलिस
इस पूरे अभियान की शुरुआत एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश के बाद हुई। इसके बाद सिटी एसपी पारस राणा, रुरल एसपी गौरव गोस्वामी और ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह के नेतृत्व में पूरे जिले में अलग-अलग पुलिस टीमों को एक्टिव किया गया। सूत्रों के मुताबिक अभियान की तैयारी पहले से चल रही थी। जिन अपराधियों के खिलाफ वारंट लंबित थे, उनकी सूची तैयार की गई। फरार अपराधियों के ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। कई संदिग्धों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। जैसे ही ऑपरेशन शुरू हुआ, पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में निकल पड़ीं।

रातभर जागती रही पुलिस, कई अपराधियों को नींद से उठाकर दबोचा
पुलिस की कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि कई अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ आरोपी घरों में सो रहे थे, तभी पुलिस पहुंच गई। कई अपराधियों ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। शहर के कई इलाकों में देर रात तक पुलिस की आवाजाही बनी रही। जिन मोहल्लों में लंबे समय से अपराधियों की गतिविधियों की चर्चा थी, वहां लोग घरों से निकलकर पुलिस कार्रवाई देखने लगे। कई लोगों ने राहत की सांस भी ली। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और बार-बार ठिकाना बदल रहे थे। कुछ अपराधी ऐसे भी थे, जिनकी तलाश कई मामलों में की जा रही थी।

सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, अपराधियों को संदेश देने की कोशिश
“ऑपरेशन प्रहार” सिर्फ गिरफ्तारी अभियान नहीं था। पुलिस इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देना चाहती थी कि अब अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। पिछले कुछ समय में शहर में बढ़ते अपराध, वारंटियों की बढ़ती संख्या और संगठित गिरोहों की सक्रियता पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। ऐसे में पुलिस ने तय किया कि एक साथ बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाए, ताकि अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर किया जा सके। एसएसपी राकेश रंजन का मानना है कि जब लगातार और एक साथ कई इलाकों में दबिश दी जाती है, तो अपराधियों में डर का माहौल बनता है। इसका असर आने वाले दिनों में अपराध नियंत्रण पर भी पड़ता है।

हर थाना क्षेत्र में अलग रणनीति
अभियान में जिले के सभी एसपी, डीएसपी, थानेदार और बड़ी संख्या में पुलिस जवान शामिल रहे। हर थाना क्षेत्र के लिए अलग रणनीति बनाई गई थी। कहीं वारंटियों पर फोकस था, तो कहीं फरार अपराधियों की तलाश चल रही थी। कुछ टीमों को पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने की जिम्मेदारी दी गई, जबकि कुछ टीमें लगातार फील्ड में एक्टिव रहीं। ट्रैफिक पुलिस को भी कई जगहों पर चेकिंग और मूवमेंट कंट्रोल की जिम्मेदारी दी गई।

पुलिस की सख्ती से अपराधियों में बेचैनी
इस बड़े अभियान के बाद अपराधियों के बीच बेचैनी बढ़ गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई संदिग्ध अब अपने ठिकाने बदलने लगे हैं। वहीं पुलिस भी लगातार निगरानी बढ़ा रही है। रांची एसएसपी ने साफ कर दिया है कि “ऑपरेशन प्रहार” कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों और वारंटियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इसे भी पढ़ें : “50 लाख दो, नहीं तो करोड़ों का नुकसान कर देंगे”, BGR को TPC की धमकी

