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Garhwa (Nityanand Dubey) : गढ़वा के कसमार गांव की उस रात को अब लोग भूल नहीं पा रहे। शादी-ब्याह की खुशियों से भरी रात अचानक एक ऐसे डर में बदल गई, जिसने पूरे गांव को सन्न कर दिया। एक नाबालिग बेटी घर लौट रही थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। सुबह जब खेत में उसकी लाश मिली, तो परिवार की दुनिया वहीं थम गई। लेकिन असली झटका तब लगा, जब जांच में सामने आया कि उसके साथ मौत के बाद भी दरिंदगी की गई।
खुशियों से डर तक की कहानी
गांव में शादी का माहौल था। उसी माहौल से निकलकर नाबालिग लड़की अपने घर की ओर लौट रही थी। रात गहरी हो चुकी थी, रास्ते सुनसान थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसका आखिरी सफर होगा। परिवार को लगा कि शायद वह किसी रिश्तेदार के घर रुक गई होगी। लेकिन सुबह होते ही बेचैनी बढ़ने लगी। खोजबीन शुरू हुई और फिर खेत से जो खबर आई, उसने सब कुछ बदल दिया।
खेत में पड़ी लाश, घर में पसरा मातम
अरहर के खेत में नाबालिग लड़की की लाश मिली। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में पूरा गांव वहां जुट गया। परिवार के लोगों की चीखें सुनकर हर किसी की आंखें नम थीं। मां बार-बार यही कह रही थी, “वो तो बस घर आ रही थी…” पिता खामोश थे, जैसे सब कुछ एक झटके में खत्म हो गया हो।
हत्या के बाद भी नहीं रुकी हैवानियत
जांच आगे बढ़ी तो मामला और भयावह होता गया। आरोपी ने पहले नाबालिग का पीछा किया, फिर खेत में दबोच लिया। शोर मचाने पर गला दबाया, दुष्कर्म किया और फिर हत्या कर दी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। आरोपी घर गया और फिर वापस लौटकर मृतका के शव के साथ फिर से दुष्कर्म किया। यह सुनकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए।
एक लाल चप्पल और सैकड़ों सवाल
यह केस शुरुआत में पूरी तरह अंधेरे में था। कोई चश्मदीद नहीं, कोई सीधा सुराग नहीं। पुलिस ने गांव-गांव जाकर लोगों से बात की। करीब 600 लोगों से पूछताछ हुई, 200 लोगों के कॉल रिकॉर्ड खंगाले गए। इसी दौरान घटनास्थल पर मिली एक लाल चप्पल ने रास्ता दिखाया। यही छोटी सी चीज पूरे मामले की कड़ी बन गई। जांच आगे बढ़ी और आरोपी तक पुलिस पहुंच गई।
भागने की कोशिश, लेकिन बच नहीं पाया
आरोपी घटना के बाद दूसरे राज्य भाग गया था। उसे लगा कि मामला दब जाएगा। लेकिन पुलिस लगातार उसके पीछे लगी रही और आखिरकार उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसने जो कुछ बताया, वह सुनकर हर कोई सिहर उठा।
गांव में डर, गुस्सा और सवाल
इस घटना के बाद गांव में सन्नाटा है। लोग शाम ढलते ही घरों में सिमट जा रहे हैं। माता-पिता अपनी बेटियों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। हर किसी के मन में एक ही सवाल है, “आखिर कोई इतना गिर कैसे सकता है?”
डॉक्टर बोले, यह खतरनाक मानसिक विकृति
डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह की हरकत को नेक्रोफिलिया कहा जाता है। यह गंभीर मानसिक विकार है, जिसमें इंसान की सोच इतनी विकृत हो जाती है कि वह मृत शरीर तक के साथ गलत हरकत करता है।
अब सबकी नजर न्याय पर
पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और तेजी से चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। परिवार को अब सिर्फ एक ही उम्मीद है कि उनकी बेटी को इंसाफ मिले।
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