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Ranchi : सफर अक्सर लोगों के लिए यादें छोड़ जाता है, लेकिन कई बार यही सफर छोटी सी लापरवाही में बड़ी परेशानी भी दे जाता है। नई दिल्ली से रांची आ रही राजधानी एक्सप्रेस में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक यात्री का महंगा टैबलेट ट्रेन में ही छूट गया। लेकिन RPF की सतर्कता और संवेदनशीलता ने इस कहानी को राहत भरे अंत तक पहुंचा दिया।
सफर के बीच छूटा कीमती साथी
बीते 09 अप्रैल की यह घटना है। ट्रेन संख्या 20408 राजधानी एक्सप्रेस गढ़वा रोड से रांची की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान कोच H2 में सफर कर रहे यात्रियों के बीच अचानक एक जानकारी सामने आई कि एक बर्थ पर टैबलेट पड़ा हुआ है। यह सूचना मिलते ही RPF पोस्ट लोहरदगा की एस्कॉर्ट टीम, जिसमें एएसआई एम. सिंह और तीन स्टाफ शामिल थे, तुरंत हरकत में आ गई। कोच में मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई भी उस टैबलेट का मालिक सामने नहीं आया।
टीटीई की मदद से खुला सुराग
स्थिति को समझते हुए RPF ने ट्रेन में मौजूद टीटीई रंजन कनौजिया से संपर्क किया। जांच में पता चला कि जिस यात्री का सामान था, वह डीटीओ स्टेशन पर उतर चुकी हैं। अब असली चुनौती यह थी कि जल्द से जल्द उस यात्री तक पहुंचा जाए, ताकि उनका सामान सुरक्षित लौटाया जा सके।
घबराहट भरी आवाज, राहत की उम्मीद
आरपीएफ टीम ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर यात्री आरती सिंह से संपर्क किया। फोन पर बातचीत में उनकी आवाज में हल्की घबराहट थी, लेकिन यह जानकर उन्हें राहत मिली कि उनका एप्पल कंपनी का टैबलेट सुरक्षित है। आरती सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान जल्दबाजी में उनका टैबलेट बर्थ पर ही छूट गया था। उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि सामान वापस मिलेगा, लेकिन आरपीएफ की कॉल ने उनकी चिंता दूर कर दी।
स्टेशन पर पहुंचा परिवार, वापस मिला भरोसा
अगले दिन 10 अप्रैल 2026 को आरती सिंह के भतीजे कुमार रंजन सिंह आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा पहुंचे। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टैबलेट उन्हें सौंप दिया गया। करीब 90 हजार रुपये कीमत का यह टैबलेट जब हाथ में वापस मिला, तो परिवार के चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।
ड्यूटी से आगे बढ़कर इंसानियत का उदाहरण
इस पूरी घटना में एएसआई एम सिंह के साथ ड्यूटी पर तैनात धर्मेंद्र कुमार, संजीत कुमार और सुशील यादव की भूमिका सराहनीय रही। केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि इंसानियत को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने एक अनजान यात्री का भरोसा फिर से कायम किया।
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