अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन पर गुरुवार का दिन एक यात्री के लिए जिंदगी और मौत के बीच झूलने जैसा साबित हुआ। बस कुछ सेकंड की जल्दबाजी, एक छोटी सी गलती और सब कुछ खत्म हो सकता था। लेकिन उसी वक्त दो आरपीएफ जवान फरिश्ता बनकर सामने आए और एक परिवार की दुनिया उजड़ने से बच गई।
पानी की एक बोतल… और जिंदगी दांव पर
ओम प्रकाश अग्रवाल, उम्र करीब 50 साल, धनबाद के टुंडी के रहने वाले हैं। वह भुवनेश्वर से घर लौट रहे थे। लंबा सफर था, इसलिए रांची स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही वह पानी लेने उतर गए। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह छोटा सा फैसला इतना भारी पड़ सकता है। पानी लेकर जैसे ही वह लौटे, ट्रेन धीरे-धीरे चलने लगी। शायद मन में यही आया होगा कि “बस चढ़ जाऊं, नहीं तो छूट जाएगी।” उन्होंने चलती ट्रेन में पैर रखने की कोशिश की… लेकिन यही वह पल था, जहां सब कुछ बदल गया।
एक पल में फिसला पैर, और अटक गई सांसें
जैसे ही उन्होंने ट्रेन पकड़ने की कोशिश की, उनका संतुलन बिगड़ गया। पैर फिसला और वह सीधे प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच के गैप में गिर पड़े। अगले ही पल वह ट्रेन के साथ घसीटने लगे। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों के चेहरे सख्त हो गए, कुछ लोग चिल्लाए, कुछ ने आंखें बंद कर लीं। हर किसी को लगा कि अब बचना मुश्किल है।
दौड़ते हुए आए ASI और हवलदार, फिर बदल दी कहानी
उसी वक्त ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के एएसआई विजय कुमार भारती और हेड कांस्टेबल नितेश कुमार की नजर इस खौफनाक मंजर पर पड़ी। उन्होंने सोचा नहीं, रुके नहीं। बस दौड़ पड़े। चंद सेकंड में दोनों जवान प्लेटफॉर्म गैप तक पहुंचे और पूरी ताकत लगाकर यात्री को बाहर खींच लिया। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि लोग समझ भी नहीं पाए कि मौत के मुंह से किसी को खींचकर बाहर निकाल लिया गया है।
रांची रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में यात्री प्लेटफॉर्म गैप में गिरा, आरपीएफ के ASI और हेड कॉन्सटेबल ने पलभर में बचाई जान। #Ranchi #RPF #IndianRailways #JharkhandNews #BreakingNews #TodayNews #LatestNews #TrendingNews #NewsSamvad pic.twitter.com/sytXoyj2zu
— News Samvad (@newssamvaad) April 9, 2026
बचने के बाद कांप रही थी आवाज
जब ओम प्रकाश को बाहर निकाला गया, वह घबराए हुए थे। चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। सांसें तेज थीं, और शब्द लड़खड़ा रहे थे। उन्होंने बस इतना कहा कि “पानी लेने उतरा था… ट्रेन चलने लगी… सोचा चढ़ जाऊं… लेकिन पैर फिसल गया।” उनकी आवाज में डर भी था और राहत भी। शायद उस वक्त उन्हें अपने घर, परिवार और उन लोगों की याद आई होगी, जिनके लिए वह लौट रहे थे।
ड्यूटी नहीं, जिम्मेदारी निभा रहे हैं जवान
रांची रेल मंडल में कमांडेंट पवन कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ का “ऑपरेशन जीवन रक्षा” चल रहा है। लेकिन इस घटना ने दिखाया कि यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है, जिसे जवान दिल से निभा रहे हैं। एएसआई विजय कुमार भारती और हेड कांस्टेबल नितेश कुमार ने जिस तरह बिना समय गंवाए जोखिम उठाकर एक जान बचाई, वह सिर्फ बहादुरी नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल है। रांची स्टेशन पर आज सिर्फ एक यात्री नहीं बचा, बल्कि एक परिवार की खुशियां, उम्मीदें और पूरा जीवन बच गया।
इसे भी पढ़ें : रांची से सटे इस गांव में भोरे-भोर चली गोलियां, मची खलबली



