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Delhi : DU यानी दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक प्रोफेसर अपूर्वानंद झा के USA यात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदी विभाग में प्रोफेसर अपूर्वानंद को न्यूयॉर्क के ‘द न्यू स्कूल’ में एक अकादमिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यात्रा की इजाजत नहीं दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनसे प्रस्तावित भाषण का पाठ प्रस्तुत करने के लिए कहा, जिसे उन्होंने देने से मना कर दिया, जिसके बाद उनकी यात्रा की अनुमति खारिज कर दी गई।
अपूर्वानंद ने कुलपति योगेश सिंह को एक पत्र लिखकर इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने संस्थागत स्वायत्तता को त्यागते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से हस्तक्षेप करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने यह भी कहा कि भाषण का पाठ मांगना अकादमिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है और इसे सेंसरशिप के रूप में देखा जाना चाहिए।
प्रोफेसर ने अपनी छुट्टी की अर्जी 35 दिन पहले दी थी, लेकिन विश्वविद्यालय ने 2 अप्रैल को उन्हें मना कर दिया। अपूर्वानंद ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि उनके कुछ सहयोगियों का मानना था कि उनकी छुट्टी ड्यूटी लीव की श्रेणी में नहीं आती, क्योंकि वह विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे।
DU के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय संदर्भ को ध्यान में रखते हुए लिया गया और उन्होंने अपूर्वानंद से भाषण की कॉपी मांगी थी, लेकिन उन्होंने नहीं दी। इस मामले में रजिस्ट्रार और कुलपति ने कोई टिप्पणी नहीं की है।
यह मामला अकादमिक स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता के मुद्दों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
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