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Ranchi : जब कोई मरीज अस्पताल पहुंचता है, तो वह सिर्फ इलाज नहीं, भरोसा भी तलाशता है। डॉक्टर, नर्स, दवाएं और सुविधाएं उसके लिए उम्मीद की डोर बन जाती हैं। खासकर झारखंड जैसे राज्य में, जहां कई इलाकों में अब भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत महसूस की जाती है, वहां निजी अस्पतालों की भूमिका और भी बड़ी हो जाती है। इसी जिम्मेदारी को और मजबूत करने के लिए AHPI यानी एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (इंडिया) झारखंड चैप्टर ने अपनी नई कार्यकारी समिति का गठन किया है। रांची के रानी अस्पताल में हुई इस बैठक ने सिर्फ नई टीम नहीं चुनी, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की एक नई उम्मीद भी जगाई।
डॉ राजेश कुमार को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
बैठक में सर्वसम्मति से रानी अस्पताल, रांची के डॉ राजेश कुमार को AHPI झारखंड चैप्टर का नया अध्यक्ष चुना गया। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में लंबे अनुभव रखने वाले डॉ राजेश कुमार को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब निजी अस्पतालों के सामने कई चुनौतियां हैं। मरीजों को बेहतर इलाज देना, इलाज की लागत को संतुलित रखना, सरकारी नीतियों के साथ तालमेल बैठाना और छोटे शहरों तक अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना आज बड़ी जरूरत बन चुका है। डॉ राजेश कुमार ने कहा कि AHPI झारखंड हमेशा की तरह स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए एक मजबूत और एकजुट मंच बना रहेगा। उनका कहना है कि अस्पतालों के बीच सहयोग बढ़ेगा तो मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा।
नई टीम में कई अनुभवी चेहरे
नई कार्यकारिणी में ऑर्किड अस्पताल के सिद्धांत जैन और आइग्यम अस्पताल के हर्ष अजमेरा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। कांके जनरल अस्पताल के डॉ. शंभु प्रसाद सिंह को सचिव, राज अस्पताल के साहिल गंभीर को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। संयुक्त सचिव के रूप में प्राइम अस्पताल, रामगढ़ के डॉ. दिनेश कुमार और सिंहपुर नर्सिंग होम, मुरी के डॉ. रामनेश कुमार को चुना गया है। इसके अलावा राज्य के अलग-अलग जिलों से सामान्य निकाय सदस्यों को भी शामिल किया गया, ताकि हर क्षेत्र की समस्याएं और जरूरतें इस मंच तक पहुंच सकें।
छोटे शहरों के अस्पतालों की भी आवाज बनेगा मंच
झारखंड में कई छोटे शहर और कस्बे ऐसे हैं, जहां निजी अस्पताल ही लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा हैं। लेकिन इन अस्पतालों को संसाधनों की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में AHPI जैसे मंच की भूमिका बहुत अहम हो जाती है। यह सिर्फ बड़े अस्पतालों की संस्था नहीं, बल्कि उन छोटे अस्पतालों की भी आवाज है, जो सीमित संसाधनों में लोगों की जान बचाने का काम कर रहे हैं।
पूर्व अध्यक्ष ने साझा किया अनुभव
AHPI झारखंड चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष सईद अहमद अंसारी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि संगठन ने हमेशा निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई टीम इस काम को और मजबूती से आगे बढ़ाएगी। उनका कहना था कि स्वास्थ्य सेवा का क्षेत्र सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
हर महीने होगी बैठक, हर तीन महीने समीक्षा
बैठक में यह भी तय किया गया कि कार्यकारी समिति हर महीने के पहले मंगलवार को रात 8 बजे वर्चुअल बैठक करेगी। इसके अलावा हर तीन महीने में सामान्य निकाय की बैठक आयोजित होगी, ताकि सभी सदस्य मिलकर कामों की समीक्षा कर सकें और नई योजनाओं पर चर्चा हो सके। नई समिति का स्थापना समारोह जून 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। इसकी तारीख बाद में घोषित की जाएगी। AHPI झारखंड के संरक्षक योगेश गंभीर और डॉ. अजय कुमार सिंह ने भी नई टीम को बधाई देते हुए पूरा समर्थन देने की बात कही।
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