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Palamu : पत्नी को परीक्षा दिलाने ससुराल आया युवक वापस घर नहीं लौट सका। खर्च के लिए पैसे मांगने को लेकर हुए लफड़े ने उसकी जान ले ली। पलामू के नावाबाजार थाना क्षेत्र के करचा गांव का रहने वाला युगेश सिंह 27 फरवरी को अपनी पत्नी को डिग्री की परीक्षा दिलाने के लिए ससुराल चेड़ाबार गांव आया था। परिवार वालों को क्या पता था कि यह सफर उसके जीवन का आखिरी सफर बन जाएगा। दिनभर सामान्य माहौल रहा। शाम होते-होते युगेश अपने साला के साथ घर के पास शराब पीने चला गया। गांव में अक्सर की तरह यह एक सामान्य बात थी।
साला घर लौट गया, युगेश वहीं बैठा रह गया
कुछ देर बाद साला शराब पीकर घर लौट आया। लेकिन युगेश नशे की हालत में गांव के मुनेश्वर सिंह उर्फ ढेला सिंह के घर के पास बैठा रह गया। इसी बीच गांव से गुजर रहे दो युवक शिवपूजन सिंह उर्फ शिवकुमार सिंह और जयप्रकाश सिंह उर्फ हुड़िया वहां पहुंचे। दोनों ने युगेश से खर्च करने के लिए पैसे मांगे। नशे की हालत और अचानक की मांग ने माहौल बिगाड़ दिया।
छोटी सी बहस ने ले ली जान
पहले बहस हुई, फिर विवाद बढ़ता चला गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों आरोपियों ने युगेश को पकड़ लिया और उसे कोयल नदी की ओर ले गए। नदी किनारे पहुंचते ही दोनों ने लोहे की फाइटर से उसके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के बाद भी आरोपियों ने उसे नहीं छोड़ा और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
झाड़ियों में छिपा दिया शव
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कोयल नदी के किनारे झाड़ियों के बीच छिपा दिया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके। लेकिन अगले ही दिन 28 फरवरी को दोपहर में ग्रामीणों की नजर झाड़ियों में पड़े शव पर पड़ी। इसके बाद गांव में सनसनी फैल गई और पुलिस को सूचना दी गई।
एक मफलर और जूते ने खोल दिया राज
पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो जांच के दौरान वहां से एक मफलर और एक जूता मिला। यह मफलर और जूता शिवपूजन सिंह का निकला। इसी आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू कर दी।
गिरफ्तारी के बाद सामने आई पूरी कहानी
पुलिस ने सबसे पहले शिवपूजन सिंह उर्फ शिवकुमार सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथी जयप्रकाश सिंह उर्फ हुड़िया का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने जयप्रकाश को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का बैग और उसका एक जोड़ी जूता भी बरामद किया।
एसपी ने बताया क्या हुआ था उस रात
पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि 5 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिससे साफ हुआ कि खर्च के पैसे मांगने के विवाद में ही हत्या की वारदात हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में चार अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं मिला।
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