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Patna : राज्य में जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े मार्केट वैल्यू रेट को जल्द ही संशोधित किया जाएगा। विभाग का कहना है कि मौजूदा रेट और वास्तविक बाजार कीमतों में भारी अंतर आ गया है। कई जगहों पर जमीन की बिक्री तय रेट से 10 गुना तक अधिक कीमत पर हो रही है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है।
काले धन पर लगेगी लगाम
विभाग का मानना है कि पुराने और कम रेट के कारण लोग जमीन की खरीद बिक्री में काले धन का इस्तेमाल कर रहे हैं। नए मार्केट वैल्यू रेट लागू होने के बाद जमीन की वास्तविक कीमत के अनुसार रजिस्ट्री होगी, जिससे इस प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और लेनदेन ज्यादा पारदर्शी बनेगा।
नगर पंचायत बनने के बाद भी पुराने रेट पर रजिस्ट्री
जिले की कई पंचायतों को पिछले कुछ वर्षों में नगर पंचायत का दर्जा मिल चुका है। इसके बावजूद वहां अब तक खेतिहर भूमि के रेट पर ही जमीन की रजिस्ट्री हो रही थी। अब नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में आने वाली सभी जमीनों के लिए नए मार्केट वैल्यू रेट तय किए जाएंगे और उसी आधार पर रजिस्ट्री शुल्क लिया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ेंगे जमीन के रेट
ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमीन की बाजार कीमतों में काफी वृद्धि हो चुकी है। इसी को देखते हुए ग्रामीण इलाकों के लिए भी नया एमवीआर तय किया जाएगा, ताकि रजिस्ट्री वास्तविक बाजार दर के करीब हो सके।
वर्षों से नहीं बदले थे रेट
विभागीय आंकड़ों के अनुसार राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों का मार्केट वैल्यू रेट वर्ष 2013 के बाद से और शहरी क्षेत्रों का वर्ष 2016 के बाद से नहीं बदला गया है। जबकि इस दौरान जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं। वहीं हर साल जिले का राजस्व लक्ष्य बढ़ता जा रहा है, जिससे लक्ष्य पूरा करना कठिन हो रहा था।
ऐसे तय होगा नया मार्केट वैल्यू रेट
ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि को कई श्रेणियों में बांटकर मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें व्यवसायिक, औद्योगिक, आवासीय भूमि, राष्ट्रीय राजमार्ग और मुख्य सड़कों के किनारे की जमीन, सिंचित, असिंचित, बलुआही, पथरीली और दियारा भूमि शामिल होंगी।
शहरी क्षेत्रों में प्रधान सड़क, मुख्य सड़क, शाखा सड़क पर स्थित व्यावसायिक और आवासीय भूमि, औद्योगिक भूमि, गलियों की आवासीय भूमि, कृषि और गैर आवासीय भूमि का अलग अलग मूल्यांकन किया जाएगा।
सरकार को मिलेगा ज्यादा राजस्व
विभाग का कहना है कि नए एमवीआर लागू होने से सरकार को जमीन रजिस्ट्री से अधिक राजस्व मिलेगा। साथ ही जमीन की खरीद बिक्री की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप हो सकेगी।
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