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New Delhi : राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा किए जा रहे चुनाव सुधार भारत के लोकतंत्र को और मजबूत, पारदर्शी और समावेशी बना रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार और राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया।
लोकतंत्र में सुधार आवश्यक
डॉ. वर्मा ने राज्यसभा में कहा कि भारत आज विश्व का सबसे जीवंत लोकतंत्र है, लेकिन समय-समय पर इसमें सुधार और नवाचार जरूरी हैं। केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग द्वारा उठाए गए कदम इसी दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी हैं।
EVM और डिजिटल मतदान से पारदर्शिता
उन्होंने बताया कि EVM-VVPAT, डिजिटल EPIC, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता-केन्द्रित सुधारों ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। विपक्ष द्वारा “वोट चोरी” और “धांधली” जैसे आरोप जनता को भ्रमित करने का प्रयास हैं।
वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग मतदाता केंद्रित सुधार
80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक, दिव्यांग और कोविड प्रभावित मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र और घर से मतदान जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। “सक्षम ऐप” और ब्रेल लिपि जैसी सुविधाएँ लोकतंत्र को सर्वसमावेशी बना रही हैं।
राजनीति के अपराधीकरण पर रोक
डॉ. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गंभीर आरोपों वाले जनप्रतिनिधियों पर सख्त प्रावधान लाए गए हैं। यह लोकतंत्र की शुचिता सुनिश्चित करता है।
दोहरे मानदंड पर चिंता
उन्होंने कहा कि जो दल चुनाव जीतने पर EVM को सही मानते हैं और हारने पर उस पर सवाल उठाते हैं, उन्हें आत्ममंथन की आवश्यकता है। जनता अब इस व्यवहार को समझ चुकी है। डॉ. वर्मा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राष्ट्रहित में चुनाव सुधारों का समर्थन करें और झूठे आरोपों से बचें।
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