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Ranchi : रांची जिले में सालों से अदालतों में लटके पड़े मामलों को लेकर अब पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। सोमवार को रांची के SSP राकेश रंजन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक बड़ी समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले के उन सभी मामलों को सामने रखा गया, जो पांच साल या उससे ज्यादा समय से लंबित हैं और जिनके अभियुक्तों का ट्रायल न्यायालय में चल रहा है। बैठक का मकसद साफ था कि पुराने मामलों में जो ढिलाई हुई है, उसे खत्म किया जाए और केस को अंजाम तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज की जाए।
अदालत में तारीख पड़ती है, लेकिन पेशी नहीं हो पाती
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में कई ऐसे केस हैं जिनमें अदालत की ओर से लगातार तारीखें दी जा रही हैं, लेकिन आरोपी हर बार कोर्ट में पेश नहीं हो पाते। कभी पुलिस बल की कमी, कभी सूचना की देरी और कभी लापरवाही की वजह से पेशी टल जाती है। इसी देरी का फायदा आरोपी उठाते हैं और मामला लंबा खिंचता चला जाता है। एसएसपी ने बैठक में कहा कि अब यह स्थिति नहीं चलेगी। कोर्ट में पेशी समय पर होनी चाहिए, चाहे आरोपी जेल में हो या जमानत पर बाहर।
गवाहों की गैरहाजिरी से भी केस लटक रहे
बैठक में एक बड़ी परेशानी गवाहों की गैरहाजिरी को लेकर भी सामने आई। कई मामलों में गवाही होनी है, लेकिन गवाह कोर्ट में पहुंच ही नहीं रहे। अदालत की तरफ से समन भी जारी हो चुका है, फिर भी गवाह पेश नहीं हो रहे हैं। कई बार समन गवाह तक समय पर पहुंचता नहीं और कई बार गवाह खुद दूरी बना लेते हैं। ऐसे में केस बार-बार टल जाता है और पीड़ित परिवार को न्याय के लिए इंतजार करना पड़ता है। एसएसपी ने साफ निर्देश दिया कि थाना प्रभारी खुद जिम्मेदारी लें और समन का तामिला जल्द कराएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि गवाह अदालत में तय तारीख पर पहुंचे।
थाने की जिम्मेदारी तय, अब बहाने नहीं चलेंगे
बैठक में SSP ने सभी थाना प्रभारियों को दो टूक कहा कि पुराने मामलों में जो भी काम लंबित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि केस की सुनवाई में देरी का मतलब यह नहीं कि मामला खत्म हो गया। जब तक फैसला नहीं होता, जिम्मेदारी पुलिस की बनी रहती है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि केस से जुड़े हर काम की नियमित समीक्षा होनी चाहिए और रिपोर्टिंग भी समय पर होनी चाहिए।
समन्वय पोर्टल पर भी फोकस, जानकारी अपडेट रखने का निर्देश
बैठक में समन्वय पोर्टल को लेकर भी चर्चा हुई। SSP ने कहा कि अगर पोर्टल पर सही तरीके से जानकारी अपडेट होती रहे, तो केस की स्थिति समझने में आसानी होगी। कौन सा वारंट लंबित है, कौन सा आरोपी फरार है, किस केस में गवाह नहीं आया, यह सब रिकॉर्ड में साफ रहेगा। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल को सिर्फ औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे पूरी गंभीरता से लागू करें।
साइबर मामलों में I4C के निर्देशों को लागू करने पर जोर
एसएसपी ने I4C पोर्टल से जुड़े निर्देशों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे मामलों में तकनीकी प्लेटफॉर्म की भूमिका बहुत अहम है। थाना प्रभारियों और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि I4C पोर्टल पर जारी दिशा-निर्देशों को पूरी तरह लागू किया जाए और मामलों में देरी न हो।
वारंट, कुर्की और इश्तेहार पर सख्ती, पुलिस को काम तेज करने का आदेश
बैठक में लंबित वारंट, कुर्की और इश्तेहार को लेकर भी पुलिस प्रशासन ने चिंता जताई। कई मामलों में अदालत से आदेश निकल चुके हैं, लेकिन कार्रवाई समय पर नहीं हो रही है। एसएसपी ने कहा कि अगर वारंट लंबित रहेगा, तो आरोपी बेखौफ घूमता रहेगा। उन्होंने थाना प्रभारियों को आदेश दिया कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो और वारंट निष्पादन में लापरवाही बिल्कुल न हो।
डिस्ट्रेस वारंट को लेकर भी दिए गए खास निर्देश
बैठक में डिस्ट्रेस वारंट यानी जुर्माना वसूली या संपत्ति जब्ती से जुड़े वारंट को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। एसएसपी ने कहा कि ऐसे वारंट का निष्पादन भी समय पर होना चाहिए ताकि कोर्ट के आदेश का पालन हो और कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सके।
बैठक में रांची पुलिस के सभी बड़े अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में रूरल एसपी प्रवीण पुष्कर, सिटी एसपी पारस राणा, रांची जिले के सभी डीएसपी और सभी थानेदार मौजूद रहे। बैठक में कई लंबित मामलों पर चर्चा हुई और सभी थानों को काम तेज करने का निर्देश दिया गया।
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