अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Gaya : गया जिले में बीती देर रात उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब वांटेड अपराधी को पकड़ने पहुंची एसटीएफ टीम पर ही ग्रामीणों ने हमला कर दिया। मामला मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियावां गांव की भुइं टोली का है। गुस्साई भीड़ ने तीन जवानों को बेरहमी से पीट दिया और उनकी दो सर्विस पिस्टल तक छीन लीं। बाद में पुलिस ने पूरे गांव को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया और लूटी गई दोनों पिस्टल बरामद कर लीं।
वांटेड मनोज मांझी की तलाश में पहुंची थी टीम
जानकारी के मुताबिक, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुख्यात आरोपी मनोज मांझी को पकड़ने के लिए भुइं टोली पहुंची थी। पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि वह गांव में छिपा हुआ है। इसी सूचना पर टीम सादे कपड़ों में दबिश देने पहुंची। लेकिन गांव वालों को शक हो गया कि पुलिस शराबबंदी को लेकर छापेमारी करने आई है। बस फिर क्या था, थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और माहौल गर्म हो गया।
चेतावनी भी पड़ी भारी, भीड़ ने कर दिया हमला
हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब भीड़ ने पुलिस टीम को चारों ओर से घेर लिया। जवानों ने खुद को बचाने के लिए सर्विस पिस्टल निकालकर चेतावनी दी, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ। भीड़ और उग्र हो गई। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में मणि कांत दुबे, संतोष चौबे और नीरज पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट के दौरान दो जवानों की सर्विस पिस्टल भी छीन ली गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
घायल जवान अस्पताल में भर्ती
घायल जवानों को तुरंत अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। दो जवानों के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि नीरज पंडित की आंख पर गहरी चोट लगी है। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी है। फिलहाल तीनों का इलाज जारी है।
गांव की घेराबंदी, सात लोग हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और टाउन डीएसपी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया। देर रात तक सघन सर्च ऑपरेशन चला। इस दौरान सात लोगों को हिरासत में लिया गया और कई घरों की तलाशी ली गई। पुलिस के पहुंचते ही गांव के कई पुरुष और युवक फरार हो गए। कई घरों में ताले लटके मिले।
खेत से मिली लूटी गई पिस्टल
सर्च ऑपरेशन के दौरान सड़क किनारे एक खेत से दोनों लूटी गई सर्विस पिस्टल बरामद कर ली गईं। हालांकि हमले के मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस उनकी पहचान कर रही है और हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा और हथियार लूटने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी है।
पेट्रोल पंप हत्याकांड का आरोपी है मनोज मांझी
जिस मनोज मांझी को पकड़ने एसटीएफ पहुंची थी, वह 11 नवंबर 2024 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर हुए चर्चित हत्याकांड का आरोपी है। पेट्रोल भरवाने को लेकर हुए विवाद में पेट्रोल पंप मालिक के भतीजे को गोली मार दी गई थी। इस मामले में 12 लोग नामजद थे। ज्यादातर आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हाल ही में एसटीएफ ने दो अन्य फरार आरोपियों को पटना से पकड़ा था, लेकिन मनोज मांझी अब भी फरार चल रहा है।
गांव में अब भी तनाव, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और लगातार छापेमारी जारी है। एसटीएफ पर हुआ यह हमला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना होगा कि मुख्य हमलावर कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं।
इसे भी पढ़ें : फाइलों के बोझ तले दबे कंधे… पटना में बैंक अधिकारियों ने भरी हुंकार



