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Ranchi : रात का समय था। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन की आवाज, भागते लोग, सामान खींचते यात्री और उसी भीड़ में खड़ी थीं दो सहमी हुई नाबालिग लड़कियां। उन्हें शायद खुद भी ठीक से नहीं पता था कि दिल्ली जाकर उनकी जिंदगी कैसी होने वाली है। वे बस इतना जानती थीं कि घर की तंगी कम करने के लिए काम करना है। लेकिन रांची रेलवे स्टेशन पर उस रात जो हुआ, उसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
बेहतर जिंदगी का सपना या जाल
दोनों लड़कियां सिमडेगा जिले के बंबालकेरा गांव की रहने वाली हैं। गांव में सीमित कमाई, परिवार की जिम्मेदारी और बेहतर भविष्य की चाह ने उन्हें दिल्ली जाने के लिए तैयार कर दिया। उन्हें बताया गया था कि घरेलू काम मिलेगा और हर महीने 14 से 15 हजार रुपये मिलेंगे। गरीब परिवार के लिए यह रकम छोटी नहीं होती। ऐसे में लड़कियों ने सोचा कि कुछ साल काम कर लेंगी तो घर की हालत सुधर जाएगी। पर उन्हें यह नहीं बताया गया था कि उनकी कमाई से हर महीने 2 से 3 हजार रुपये कमीशन के नाम पर काट लिए जाएंगे।
प्लेटफॉर्म पर उठा शक
जब ट्रेन संख्या 12825 झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रांची पहुंची, तब आरपीएफ की टीम स्टेशन पर विशेष जांच अभियान चला रही थी। भीड़ के बीच एक महिला दो कम उम्र की लड़कियों के साथ नजर आई। उनके चेहरे पर घबराहट साफ दिख रही थी। आरपीएफ ने तीनों को रोका और अलग-अलग पूछताछ की। यहीं से कहानी बदलनी शुरू हुई।
सच सामने आते ही सन्न रह गई टीम
लड़कियों ने बताया कि वे दिल्ली घरेलू काम के लिए जा रही हैं। महिला ने खुद को दिल्ली के किराड़ी इलाके की रहने वाली बताया। लेकिन जब महिला एसआई सुनीता तिर्की ने गहराई से पूछताछ की तो कई परतें खुलती चली गईं। महिला ने कबूल किया कि वह पहले भी झारखंड से लड़कियों को दिल्ली ले जा चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि उसके खिलाफ गुमला थाना में अपहरण, दुष्कर्म, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट से जुड़ा मामला दर्ज है। यह सुनकर टीम को समझ में आ गया कि यह सिर्फ नौकरी का मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध की कड़ी हो सकती थी।
एक कदम और आगे बढ़ जाती ट्रेन…
अगर उस रात आरपीएफ की नजर उन पर न पड़ती, अगर पूछताछ न होती, तो शायद ये दोनों लड़कियां दिल्ली पहुंच चुकी होतीं। वहां उनका इंतजार क्या कर रहा था, यह कहना मुश्किल है। कई बार ऐसे मामलों में लड़कियां सालों तक परिवार से कट जाती हैं और शोषण का शिकार बनती हैं। समय पर हुई कार्रवाई ने उन्हें उस अंधेरे रास्ते पर जाने से रोक दिया।
अब सुरक्षित हैं दोनों बच्चियां
महिला को गिरफ्तार कर एएचटीयू और कोतवाली थाना को सौंप दिया गया है। उसके पास से टिकट और मोबाइल जब्त किया गया है। कानूनी कार्रवाई जारी है। दोनों नाबालिग लड़कियों को फिलहाल सुरक्षित आश्रय गृह प्रेमाश्रय में रखा गया है। वहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है ताकि वे मानसिक रूप से संभल सकें। आगे की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके परिवार तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा।
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