Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Friday, 13 March, 2026 • 08:32 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » झारखंड के प्रति केंद्र सरकार के भेदभावपूर्ण रवैये का दस्तावेज है बजट : विनोद पांडेय
Headlines

झारखंड के प्रति केंद्र सरकार के भेदभावपूर्ण रवैये का दस्तावेज है बजट : विनोद पांडेय

February 1, 2026No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
विनोद पांडेय
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Ranchi : केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के नेता विनोद पांडेय ने कहा कि यह बजट झारखंड के प्रति केंद्र की असंवेदनशीलता और भेदभावपूर्ण सोच को साफ तौर पर दिखाता है। विनोद पांडेय ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब झारखंड को नजरअंदाज किया गया हो। पिछले कई वर्षों से भाजपा शासित पड़ोसी राज्यों को विशेष पैकेज और योजनाएं दी जा रही हैं, जबकि झारखंड को हर बजट में खाली हाथ रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सौतेला व्यवहार अब जनता से छिपा नहीं है।

बकाया राशि और आर्थिक नुकसान का मुद्दा

उन्होंने बताया कि कोल कंपनियों पर झारखंड का करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है, जो अब तक नहीं मिला है। मनरेगा में 60:40 खर्च अनुपात के कारण राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है, लेकिन उसकी भरपाई के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया। जीएसटी युक्तिकरण से झारखंड को हर साल होने वाले हजारों करोड़ रुपये के नुकसान पर भी केंद्र सरकार खामोश है।

Advertisement Advertisement

अहम क्षेत्रों में उपेक्षा

झामुमो नेता ने कहा कि कृषि, सिंचाई, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे जरूरी क्षेत्रों में झारखंड के लिए कोई ठोस योजना नहीं लाई गई। न नई रेल लाइन की घोषणा हुई, न नई ट्रेन की। किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के लिए भी कोई खास पहल बजट में नजर नहीं आई।

लोकतांत्रिक जवाब की चेतावनी

विनोद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार चाहे जितने दावे करे, सच्चाई यही है कि झारखंड के साथ अन्याय जारी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस भेदभाव का विरोध करता रहेगा और केंद्र से सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार की मांग करता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।

इसे भी पढ़ें : असम की धरती से सीएम हेमंत का ऐलान, आदिवासी समाज के हर संघर्ष में झारखंड साथ

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleस्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को लेकर नीतीश सरकार का बड़ा फैसला… जानें क्या
Next Article रांची में संत रविदास जयंती : जब श्रद्धा, संघर्ष और सम्मान एक साथ चल पड़े

Related Posts

Headlines

नवप्रोन्नत IAS अधिकारियों को मिली नयी जिम्मेदारी.. देखें लिस्ट

March 13, 2026
Headlines

चुटुपालू घाटी में डरावना हादसा… जानें

March 13, 2026
Headlines

अवैध खनन पर शिकंजा, बिना कागजात बालू ले जा रहा ट्रैक्टर जब्त

March 13, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

नवप्रोन्नत IAS अधिकारियों को मिली नयी जिम्मेदारी.. देखें लिस्ट

March 13, 2026

चुटुपालू घाटी में डरावना हादसा… जानें

March 13, 2026

अवैध खनन पर शिकंजा, बिना कागजात बालू ले जा रहा ट्रैक्टर जब्त

March 13, 2026

‘किंग’ बनी अभिषेक बच्चन के लिए गेम-चेंजर… जानें कैसे

March 13, 2026

अजनबी कॉल ने बदल दी जिंदगी, CID ने किया सनसनीखेज खुलासा

March 13, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.