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Ranchi : शाम ढल चुकी थी। रांची के बोड़ैया पुल के पास रोज की तरह लोग अपने काम से घर लौट रहे थे। उसी वक्त कांके थाना की गश्ती टीम सड़क किनारे खड़ी होकर वाहनों की जांच कर रही थी। यह महज एक औपचारिक चेकिंग नहीं थी, बल्कि उस खामोश जंग का हिस्सा थी, जो नशे के खिलाफ हर रोज लड़ी जा रही है। करीब सात बजे दो स्कूटी सवार पुलिस को देखते ही अचानक पलटकर भागने लगे। यही घबराहट उनके लिए सबसे बड़ा संकेत बन गई। पुलिस ने पीछा किया और दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में जो सामने आया, उसने इलाके की सच्चाई उजागर कर दी। स्कूटी की डिक्की से कफ सिरप की बोतलें निकली। कुल 45 बोतल। साथ में मोबाइल फोन और कैश रुपये। इस बात का खुलासा सीनियर डीएसपी अमर पांडेय ने मीडिया के सामने किया।
तलाशी में खुली पूरी सच्चाई
पुलिस ने नियम के अनुसार तलाशी ली। विनोद गोप की स्कूटी की डिक्की से 24 बोतल कफ सिरप बरामद हुई। उसके पास से मोबाइल फोन और 3700 रुपये नकद भी मिले। वहीं नयन सेन की स्कूटी से 21 बोतल कफ सिरप, एक मोबाइल फोन और 6100 रुपये नकद बरामद किए गए। कुल मिलाकर पुलिस ने 45 बोतल नशीला कफ सिरप जब्त किया।
पूछताछ में सामने आया संगठित नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मिलकर नशीली दवाओं का कारोबार कर रहे थे। सस्ती कीमत पर कफ सिरप खरीदकर उसे ऊंचे दामों पर बोड़ैया, एदलहातु और चिरौंदी इलाके में बेचते थे। इन इलाकों में पहले से नशे की समस्या को लेकर लोग परेशान रहे हैं।
रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन के निर्देश और ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर की देखरेख में कांके थानेदार प्रकाश कुमार रजक के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि राजधानी में नशे का कारोबार आसान नहीं रहेगा। पुलिस अब उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो इन दवाओं की सप्लाई करते हैं और पर्दे के पीछे रहकर मुनाफा कमाते हैं।
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