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Ranchi : सर्द रात, खाली सड़क और शहर की ओर बढ़ती एक मोटरसाइकिल। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन उस रात रांची के बाहर एक बड़ी आपराधिक साजिश चुपचाप आकार ले रही थी। 26 दिसंबर की देर रात रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को मिली एक गुप्त सूचना ने इस कहानी की दिशा बदल दी। सूचना साफ थी। संगठित अपराधी राहुल दुबे गिरोह के सदस्य हथियारों के साथ टाटीसिल्वे के रास्ते रांची आ रहे हैं। मकसद था कारोबारियों की रेकी करना, रंगदारी मांगना और जरूरत पड़ने पर फायरिंग तक करना। पुलिस के लिए यह वक्त की परीक्षा थी।
सिपाही नदी पुल पर सख्त पहरा
एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर और सीनियर डीएसपी अमर पांडेय के नेतृत्व में नामकुम थाना की एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सिपाही नदी पुल जोरार के पास चेकिंग शुरू की। रात गहराती जा रही थी और सड़क पर आवाजाही कम थी। इसी दौरान टाटीसिल्वे की ओर से एक बाइक आती दिखाई दी। जैसे ही बाइक सवारों की नजर पुलिस पर पड़ी, उन्होंने हेडलाइट बंद कर दी। यह हरकत ही पुलिस के लिए काफी थी। दोनों युवक बाइक मोड़कर पीछे भागने लगे, लेकिन पहले से सतर्क पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए युवकों ने अपना नाम राजेश पाण्डेय उर्फ अमरजीत पाण्डेय और कन्हाई दास बताया। उम्र कम थी, लेकिन मंसूबे खतरनाक।
जेब से निकली खामोश मौत
तलाशी के दौरान जो सामने आया, उसने पुलिस की आशंका को सही साबित कर दिया। दोनों के पास से पिस्टल, मैगजीन और जिंदा गोलियां बरामद हुईं। साथ में मोबाइल फोन और अपाची मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। हथियार रखने का कोई लाइसेंस उनके पास नहीं था।
गिरोह की परतें खुलने लगीं
पूछताछ में दोनों टूटे। उन्होंने बताया कि वे कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। हथियार गिरोह के सरगना और उसके करीबी साथियों ने मुहैया कराए थे। काम साफ था। रांची और रामगढ़ के चुनिंदा कारोबारियों को निशाना बनाना, पहले रेकी, फिर रंगदारी और विरोध पर फायरिंग।
हरियाणा से बुलाया गया शूटर
पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। गिरोह ने हरियाणा से एक शूटर को रामगढ़ के एक कोयला कारोबारी पर फायरिंग के लिए बुलाया था। रकम का सौदा नहीं बन पाया, इसलिए वह वापस लौट गया। पुलिस मानती है कि अगर यह सौदा पूरा हो जाता, तो हालात कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते थे।
समय रहते टूटी साजिश
पुलिस की सक्रियता से यह साजिश समय रहते नाकाम हो गई। दोनों आरोपियों को अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके आपराधिक इतिहास की जांच चल रही है। साथ ही राहुल दुबे गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापामारी की जा रही है।
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