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Lucknow : लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने नव चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी नौजवान के सपनों का टूटना केवल एक व्यक्ति का नुकसान नहीं होता, बल्कि यह पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होती, तो इसका सीधा असर विकास पर पड़ता है और युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठ जाता है।
पुराने दौर को बताया अराजकता का समय
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले से ही बीमार राज्य नहीं था, बल्कि उसे बीमार बनाने में गलत नीतियों, भ्रष्टाचार और चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने पुराने हालात का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में लंबे समय तक कर्फ्यू जैसे हालात रहते थे और लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में इतनी गड़बड़ी होती थी कि कई बार अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ता था। उस समय ऐसी बातें सामने आती थीं कि परीक्षा कोई और देता था और नौकरी किसी और को मिल जाती थी। इससे युवाओं के मन में गहरी निराशा पैदा होती थी।
आत्महत्या की घटना से झकझोर देने वाला अनुभव
अपने गोरखपुर सांसद काल की एक घटना साझा करते हुए सीएम ने बताया कि एक बार हाईवे पर जाम लगा था। जानकारी करने पर पता चला कि एक युवक ने आत्महत्या कर ली है। वह गांव उनके संसदीय क्षेत्र में ही था। उन्होंने अधिकारियों की सलाह के बावजूद मौके पर जाने का निर्णय लिया। वहां पहुंचकर उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। परिवार ने बताया कि युवक का नाम पुलिस भर्ती की मेरिट सूची में था, लेकिन उसे नियुक्ति पत्र नहीं मिला। इसी सदमे और अवसाद में उसने आत्महत्या कर ली। सीएम ने कहा कि यह घटना उनके लिए बेहद दुखद और सोचने पर मजबूर करने वाली थी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी कितनी गंभीर परिणाम दे सकती है।
आयोगों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सीएम ने पुराने समय की भर्ती एजेंसियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार ऐसे लोग जिम्मेदार पदों पर बैठ जाते थे जो खुद उस पद के योग्य नहीं थे। यहां तक कि कुछ मामलों में फर्जी डिग्री वाले लोगों द्वारा चयन प्रक्रिया संचालित करने की बातें भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि उस दौर में पैसों का लेनदेन आम बात बन गया था और योग्य उम्मीदवारों को उनका हक नहीं मिल पाता था।
UPSSSC द्वारा नव चयनित कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति-पत्र वितरण हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/Q3pPPa1Rpg
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 3, 2026
2017 के बाद सुधार और नई दिशा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीति साफ हो और नीयत मजबूत हो, तो बदलाव संभव है। उन्होंने दावा किया कि अब तक प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने इसे देश में सबसे बड़ी और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उदाहरण बताया।
बड़े पैमाने पर चल रही हैं भर्तियां
सीएम ने बताया कि वर्तमान समय में विभिन्न आयोगों के माध्यम से बड़े पैमाने पर भर्तियां की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष लगभग 32 हजार नियुक्तियां करेगा। इसके अलावा शिक्षा चयन आयोग द्वारा हजारों शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग करीब 15 हजार पदों पर भर्ती करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब इंस्पेक्टर और होमगार्ड की भर्ती परीक्षा पूरी हो चुकी है, जिसमें लगभग 45 हजार पद शामिल हैं। इसके साथ ही इतनी ही संख्या में अन्य भर्तियां भी प्रक्रिया में हैं। सीएम ने कहा कि वर्ष 2026-27 तक प्रदेश में करीब डेढ़ लाख नई भर्तियां करने का लक्ष्य रखा गया है।
पारदर्शिता के लिए सख्त कानून लागू
भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्त कानून लागू किए हैं। सीएम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति भर्ती में धांधली करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है और दोषी की संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार इन कानूनों का प्रभावी तरीके से उपयोग भी कर रही है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बढ़ा है।
कार्यक्रम में सैकड़ों अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए 357 कनिष्ठ विश्लेषकों और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इस मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, आयुष मंत्री दया शंकर मिश्र दयाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
युवाओं को दिया भरोसा
अपने संबोधन के अंत में सीएम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर योग्य युवा को उसका हक मिले। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पूरी मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ें, सरकार उनके साथ खड़ी है।
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