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Ranchi : रांची के जज कॉलोनी के मल्टीपरपस हॉल में आज कुछ अलग हलचल थी। यहां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा था। न्यायायुक्त-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, डालसा सुजित नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश पर और सदस्य सचिव, कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन और डालसा सचिव राकेश रौशन की देखरेख में कार्यक्रम आयोजित की गयी थी। हॉल के कोने-कोने में बैठे लोग, चाहे वो न्यायिक अधिकारी हों या आम नागरिक, सबकी निगाहें उस मंच पर थीं जहां न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 खड़े थे। आज का दिन सिर्फ कोई कार्यक्रम नहीं था, बल्कि हर नागरिक को अपने अधिकार और जिम्मेदारी की याद दिलाने वाला एक संदेश था।

एक वोट बदल सकता है भविष्य : न्यायायुक्त
जैसे ही न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा ने शपथ दिलाई, हर चेहरा गंभीरता और गर्व से दमक रहा था। कई युवा पहली बार वोट देने वाले थे। उनके चेहरे पर उत्सुकता और जिम्मेदारी की झलक साफ दिख रही थी। न्यायायुक्त ने जोर देकर कहा “हमारा एक वोट ही भविष्य बदल सकता है।” यह शब्द सिर्फ कानों में नहीं गूंजे, बल्कि हर दिल में जगह बना गए।

मतदान लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : डालसा सचिव
डालसा सचिव राकेश रौशन ने नागरिकों को बताया कि मतदान सिर्फ एक कर्तव्य नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, “एक वोट से कोई अच्छा प्रतिनिधि चुना जा सकता है और एक बेकार प्रतिनिधि भी रोक सकते हैं। इसलिए मतदान में हिस्सा लेना हर नागरिक का फर्ज है।”

लिगल-एड क्लिनिक : छोटे शहर में बड़ा असर
रांची के कई लिगल-एड क्लिनिक, जैसे कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल और माण्डर, अनगड़ा में भी शपथ दिलाई गई। यहां के बच्चों और युवाओं ने बड़े ध्यान से शपथ ली और समझा कि मतदान सिर्फ बड़े शहरों का नहीं, बल्कि हर गांव और हर व्यक्ति का अधिकार है।

अधिकार और जिम्मेदारी का एहसास
कार्यक्रम में शामिल प्रखंड और थाना अधिकारी भी शपथ लेने आए। यह सिर्फ औपचारिकता नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति के योगदान का प्रतीक। हर शपथ के साथ यह एहसास गहरा रहा कि हमारे हाथ में देश के भविष्य का एक अहम हिस्सा है।
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