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Ranchi : रात के करीब दस बज रहे थे। न्यू मार्केट चौक की भीड़ धीरे-धीरे कम हो रही थी। टेम्पो स्टैंड के पीछे कुछ साए हिलते दिखाई दे रहे थे। कोतवाली DSP प्राकाश सोय की लीडरशिप में पुलिस की एक टीम खामोशी से घात लगाए बैठी थी… रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को इंफॉर्मेशन मिली थी कि आज कोई “सामान” आने वाला है। बिना देर किये सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में कोतवाली DSP प्रकाश सोय को आगे का टास्क सौंप दिया गया। पुलिस के पहुंचने के चंद मिनटों बाद ही नैन-नक्श से खूबसूरत एक लड़की आई, मोबाइल पर किसी से बात की और पास की दुकान के किनारे खड़ी हो गई। थोड़ी ही देर में उसके आसपास कुछ लड़के पहुंचे… तभी पुलिस हरकत में आई। फिर जो हुआ, उसने रांची पुलिस को भी हैरान कर दिया… क्योंकि ये कोई बाहरी गिरोह नहीं था, ये एक परिवार था, जो ब्राउन शुगर का गंदा धंधा चला रहा था।
बाप से लेकर बेटी-दामाद तक गंदे दंधे में शामिल
सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया को बताया कि पकड़ी गई लड़की का नाम साहिस्ता प्रवीण उर्फ सेजल खान उर्फ सेजल गुप्ता है, उम्र सिर्फ 23 साल। पहली नजर में वह एक आम लड़की लगती थी, लेकिन उसके पर्स से जो निकला, उसने सबका चेहरा फीका कर दिया… 92 ग्राम ब्राउन शुगर। थोड़ी देर की पूछताछ में सेजल ने अपनी जुबां खोली और बोली… यह माल मैं सासाराम से लाई हूं, मौसाजी और उनका बेटा भेजते हैं। इतना सुनते ही नशे के जानी दुश्मन माने जाने वाले पुलिस अधिकारी डीएसपी प्रकाश सोय का माथा ठनका। उन्होंने जब पूछताछ का अंदाज बदला तो तो खुलासा हुआ कि सिर्फ वह नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार इस कारोबार में शामिल है… उसका बाप, बहन और जीजा तक।
घर में छिपा था मौत का सामान
सेजल की निशानदेही पर पुलिस की टीम बरियातु के एदलहातु पहुंची। यह वही जगह थी जहां वह किराए पर रहती थी। कमरे की तलाशी ली गई तो 10 ग्राम ब्राउन शुगर और ढाई लाख रुपये कैश बरामद हुए। उसी घर से सेजल के पिता 52 साल के मो. सरवर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जब उससे पूछा कि इतने पैसे कहां से आए, तो वह ‘मौनी बाबा’ बन गया।
बहन और जीजा भी उसी राह पर
डीएसपी ने थोड़ा और कड़ा रुख अपनाया तो सेजल राज उगलने लगी। सेजल ने बताया कि उसकी बहन मुस्कान उर्फ सागुफ्ता प्रवीण और जीजा मो. राजू भी ड्रग्स बेचने का गंदा धंधा करते हैं। रातु स्थित उनके घर पर छापा मारा गया। वहां से भी 36 ग्राम ब्राउन शुगर और 11,720 रुपये जब्त किये गये। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक ही परिवार के चार लोग सलाखों के पीछे पहुंच गए।
सासाराम से रांची तक फैला नेटवर्क
एसपी पारस राणा ने बताया कि गिरफ्तार मो. सरवर और सेजल के खिलाफ रांची के कोतवाली थाना की पुलिस फाइल में एक-एक मामला दर्ज है। ये लोग ब्राउन शुगर बिहार के सासाराम से लाते थे और रांची के हिंदपीढ़ी, मोराबादी, सुखदेवनगर जैसे इलाकों में बेचते थे। इन सभी के पास से कुल 140 ग्राम और 2,76,520 रुपये कैश जब्त किये गये हैं। वहीं, जब्त ब्राउन शुगर की बाजार में कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गयी है। सासाराम में बबन साह उर्फ मौसा जी और उसका बेटा सूरज कुमार इन लोगों को ब्राउन शुगर उपलब्ध कराता है। अब पुलिस मुख्य सप्लायर बबन साह और उसके बेटे सूरज कुमार की तलाश में जुटी है, ताकि इस जहर की सप्लाई लाइन पूरी तरह तोड़ी जा सके। सिटी एसपी पारस राणा क्या बता गये… देखें
ब्राउन शुगर के ‘गंदे धंधे’ में पूरा परिवार अरेस्ट, क्या बता गये रांची के सिटी एसपी पारस राणा… देखें pic.twitter.com/YCDzIm6Na0
— News Samvad (@newssamvaad) November 5, 2025
इनकी भूमिका रही सराहनीय
इन लोगों को दबोचने में कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, सदर डीएसपी संजीव बेसरा, डीएसपी प्रभात कुमार बेक, सुखदेवनगर थानेदार अशोक कुमार, महिला थानेदार रेणुका टूडु, एसआई प्रेम हॉसदा, बजरंग टोप्पो, उमेश महतो और एएसआई श्री चौधरी की भूमिका सराहनीय।

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