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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : लपंगा बस्ती में शनिवार की शाम बाकी दिनों जैसी ही थी। बच्चे खेल रहे थे, घरों में चूल्हा जल रहा था। लेकिन रात होते-होते दो घरों में सन्नाटा पसर गया। 13 साल के असद अमान और मो. अजान शाम को साथ निकले थे, पर देर रात तक वापस नहीं लौटे। मां की आंखें दरवाजे पर टिक गईं। पिता बार-बार गली के मोड़ तक जाकर झांकते रहे। हर आहट पर उम्मीद जागती और फिर टूट जाती।
एक फोन कॉल और शुरू हुई तलाश
रात करीब 11 बजे परिजनों ने भदानीनगर ओपी में सूचना दी। ओपी प्रभारी अख्तर अली ने बताया कि सूचना मिलते ही सनहा दर्ज की गई और पुलिस टीम तुरंत हरकत में आ गई। रात के अंधेरे में गलियों से लेकर आसपास के इलाकों तक खोजबीन शुरू हुई। परिजन भी साथ-साथ इधर-उधर भटकते रहे। किसी ने रिश्तेदारों को फोन किया, किसी ने दोस्तों से पूछा। हर किसी के मन में बस एक ही सवाल था, बच्चे आखिर गए कहां?
पतरातू स्टेशन से आई राहत की खबर
रविवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे सूचना मिली कि पतरातू रेलवे स्टेशन के पास दो बच्चे भटकते देखे गए हैं। पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंची। कुछ ही देर में साफ हो गया कि वही दोनों बच्चे हैं। सकुशल देखकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। खबर मिलते ही परिवार के चेहरों पर भी 12 घंटे बाद मुस्कान लौटी।
मासूम जिज्ञासा, बड़ी परेशानी
पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे घूमने के लिए डालटनगंज चले गए थे। उनके लिए यह शायद एक छोटा सा रोमांच था, लेकिन घर वालों के लिए यह पूरी रात की बेचैनी बन गया। बच्चों को समझाया गया और आगे की प्रक्रिया के तहत चाइल्ड हेल्प लाइन भेज दिया गया, ताकि काउंसिलिंग और औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
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