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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र की वह गुरुवार रात, एक 17 साल की आदिवासी किशोरी शायद कभी भूल नहीं पाएगी। वह रात जो एक आम मेले की खुशियों से शुरू हुई थी, वह फरेब, धोखे और हिंसा की परछाइयों में बदल गई। लेकिन उस अंधेरे में भी जो सबसे उजला रहा… वह था इस साहसी लड़की का हौसला। किशोरी अपने नाबालिग आशिक के साथ स्थानीय मेले में गई थी। मेले की रोशनी, भीड़ और हंसी सब कुछ नॉर्मल था। देर रात तक झूले और दुकानों के बीच घूमने के बाद उसने सोचा था कि आशिक उसे सही सलामत घर छोड़ देगा। लेकिन रास्ता अचानक बदल गया। रात के करीब 1:30 बजे उसे घर छोड़ने के बजाय वह एक सुनसान मैदान में ले जाया गया। वहां, वह और उसका प्रेमी भुजा खा रहे थे। किशोरी को क्या पता था कि यह खामोश मैदान उसके जीवन की सबसे भयावह परीक्षा बन जाएगा।
चकनाचूर हो गया भरोसा
किशोरी अभी कुछ समझ पाती, इससे पहले उसके आशिक ने अपने तीन दोस्तों को मौके पर बुला लिया। फिर जो हुआ, वह किसी भी इंसान को भीतर तक हिला देने वाला था। अपने ही भरोसेमंद शख्स के साथ मिलकर चारों ने उसके साथ दरिंदगी की।
मौत की साजिश और बच निकलने का साहस
दुष्कर्म के बाद आरोपी उसे मारने की योजना बना रहे थे। लेकिन लड़की ने उनकी बातें सुन लीं। डरी हुई, पर टूटी नहीं। मौका मिलते ही वह भागी। अंधेरे के बीच, कांपते कदमों से, लेकिन अदम्य साहस के साथ। भागते ही उसने अपने मोबाइल से परिजनों को फोन किया। यह वही पल था जब डर पर साहस भारी पड़ा।
खबर सुन घटनास्थल की ओर दौड़े परिजन
परिजन तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। जैसे ही आरोपियों ने उन्हें देखा, वे घबरा गए। इतनी हड़बड़ाहट में कि अपनी बाइक और मोबाइल तक छोड़कर भाग निकले। लेकिन कानून से भाग पाना इतना आसान नहीं था।
चारो संदेही पुलिस के शिकंजे में
किशोरी जब थरथराती आवाज में थाना पहुंची और घटना बताई, तो थानेदार रवि शर्मा ने बिना देर किए एसपी निधि द्विवेदी को मामले की जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर टीम तैयार की। पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चारों आरोपियों की तलाश शुरू हुई।
एसआई अजय कुमार महतो, एएसआई कमल मुर्मू और अमरजीत कुमार ने मिलकर तीन नाबालिगों को पाकुड़िया थाना क्षेत्र से पकड़ा और डिटेन किया। वहीं एक आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। तीनों नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
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