अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Motihari : मोतिहारी में आतंक का दूरा नाम कमरुद्दीन उर्फ ढोलकवा का खूंटा आखिरकार डोल गया। जिले के पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में सात थानों की पुलिस ने उसके आलिशान घर पर धावा बोल दिया। उसका घर हरसिद्धि थाना क्षेत्र में है। उसके महल जैसे मकान से पुलिस को जखीरा, लग्जरी गाड़ियां और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए।
आलीशान मकान को बना रखा था अपराध का अड्डा
ढोलकवा का घर किसी हवेली से कम नहीं था। बड़ी दीवारें, लग्जरी गाड़ियां और आलीशान जीवनशैली… लेकिन इन सबके पीछे छिपी थी अपराध की काली दुनिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कार्बाइन, राइफल, पिस्टल और लगभग 100 जिंदा गोलियां बरामद किए। कई हथियार खेतों में छिपाकर रखे गए थे। साथ ही, एक्सयूवी, थार और स्कॉर्पियो जैसी 7 लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गईं।
पत्नी भी आई पुलिस की गिरफ्त में
ढोलकवा की पत्नी फरजाना खातून को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। फरजाना खातून इलाके की मुखिया है। उन पर भी कई संदिग्ध दस्तावेजों को लेकर पूछताछ की जा रही है। इससे संकेत मिले हैं कि अपराध का जाल सिर्फ ढोलकवा तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे परिवार तक फैला हुआ था।
ढोलकवा ने महज दो साल में कर दिये थे 21 कांड
कमरुद्दीन का नाम पहली बार 1998 में अपराध की दुनिया में सामने आया था। 1998 से 2002 के बीच ही उसके खिलाफ 21 मामले दर्ज हुए। हत्या, रंगदारी, लूट और गैंगवार जैसी घटनाओं में उसका नाम जुड़ता चला गया। हरसिद्धि, तुरकौलिया, नगर मोतिहारी, पिपरा और कोटवा थानों में दर्जनों केस उसके खिलाफ दर्ज हैं। ढोलकवा का आतंक ऐसा था कि लोग उसके नाम से खौफ खाते थे। गांवों में उसकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि उसने राजनीति में भी कदम रखा और पत्नी को मुखिया की कुर्सी तक पहुंचा दिया।
SP के नेतृत्व में की गयी रेड
इस रेड में पुलिस ने खास रणनीति अपनाई। एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में तीन डीएसपी… दिलीप कुमार, जितेश पांडे और अभिनव पराशर, सात थानों की पुलिस और टेक्निकल सेल की टीम शामिल थी। गुप्त सूचना के आधार पर अचानक दबिश दी गई, ताकि अपराधी भाग न सके। आलीशान मकान सील कर दिया गया है और सभी गाड़ियां जब्त कर ली गई हैं। अब पूरे गिरोह की आर्थिक जांच और नेटवर्क खंगाले जा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें : खू’न से लथपथ रिश्ते… पैसों का लफड़ा बेटे की मौ’त पर खत्म

