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Ranchi : 13 सितंबर की सुबह भुरसूडीह गांव पर डर का साया अचानक गहरा गया। जंगल से खबर आई – “सिर कटी लाश मिली है।”
लोगों का दिल बैठ गया। ज्यों ही गांववालों की भीड़ वहां पहुंची, दृश्य किसी खौफनाक फिल्म से कम नहीं था। खून से सनी देह, धड़ से अलग पड़ा सिर… और चारों ओर सन्नाटा। गांव का हर शख्स दहशत में था। कोई कांपती आवाज़ में कहता – “हे भगवान! किसने किया इतना बेरहमी से?” तो कोई अपने बच्चों को पास खींच लेता। थोड़ी ही देर में पहचान हो गई – वह सुरेश स्वांसी था, गांव का ही जवान लड़का और एतवा स्वांसी का बेटा।
पिता ने दर्ज कराई थी FIR
जवान बेटे की सिर कटी लाश को देख मानों पिता एतवा स्वांसी को सांप सूंघ गया हो। किसी तरह थाने पहुंचकर एतवा स्वांसी ने जो कहा, उसमें दर्द और बेबसी दोनों थी। उन्होंने बताया– “जगदीश, पूरन और हरि… इन तीनों से सुरेश का पुराना जमीन का लफड़ा था। कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन विवाद मिटा नहीं। कभी सोचा न था कि यही झगड़ा मेरे बेटे की जान ले लेगा।”
पहले भी कई बार हो चुकी थी लड़ाई
इधर, गांव के कुछ लोग हौले-हौले आप में फुसफुसाने लगे… जगदीश और सुरेश में कई बार हाथापाई हुई थी। पूरन अकसर धमकी देता था कि देख लूंगा। लेकिन, किसी ने नहीं सोचा था कि धमकी सच हो जाएगी।
दो धराये, एक अब भी फरार
मामले का खुलासा करने के लिए DIG सह SSP चंदन कुमार सिन्हा के निर्देश पर रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर और बुंडू SDPO ओम प्रकाश की देखरेख में पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। जल्द ही जगदीश स्वांसी और हरि मुंडा पकड़े गए। दोनों ने जुर्म कबूल भी किया। उनकी निशानदेही पर दावली, फरसा और मृतक का एंड्रॉयड फोन बरामद कर लिया गया। तीसरा आरोपी पूरन स्वांसी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसे दबोचने के लिए छापेमारी कर रही है।
इनकी भूमिका रही सराहनीय
इन संदेही गुनहगारों को दबोचने में तमाड़ थानेदार प्रवीण कुमार मोदी, एसआई निमाई सोरेन और एएसआई अजय प्रताप की भूमिका सराहनीय रही।
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