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Patna : बिहार में होने वाले पंचायत आम चुनाव 2026 को लेकर चल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि इस बार चुनाव क्षेत्रों का कोई नया परिसीमन नहीं किया जाएगा। पुराने परिसीमन के आधार पर ही ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव कराए जाएंगे। राज्य में करीब 2.50 लाख पदों के लिए वोटिंग होगी।
आयोग के अधिकारियों ने बताया कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर ही पंचायतों की सीमाएं और पदों की संख्या तय रहेगी। नई जनगणना नहीं होने की वजह से कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, आरक्षण रोस्टर जरूर बदलेगा। कानून के मुताबिक, हर दो चुनाव के बाद आरक्षण का चक्र बदलता है। 2016 और 2021 के चुनाव पुराने रोस्टर पर हुए थे, अब 2026 से पहले नया रोस्टर तैयार किया जाएगा।
इसके लिए जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। जिलों से हर राजस्व गांव के वार्डवार जनसंख्या के आंकड़े मंगवाए जाएंगे। इनकी जांच आयोग के डेटा से की जाएगी। इससे अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग और महिलाओं को सही हिस्से का प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। हाल के दिनों में कई प्रखंडों में अफवाह उड़ी थी कि नए वार्ड बनेंगे और पंचायतों की सीमाएं बदलेंगी। लोग आयोग के कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे थे। लेकिन अधिकारियों ने इसे पूरी तरह गलत बताया। आयोग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर यकीन न करें और सिर्फ आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
चुनाव की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं, लेकिन संभावना है कि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में अलग-अलग चरणों में मतदान हो। आयोग का लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो। तैयारियां जोरों पर हैं, ताकि विकेंद्रीकृत शासन की भावना मजबूत बनी रहे। बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 के तहत ये सभी नियम लागू होते हैं। जनता को सही जानकारी मिले, इसके लिए आयोग सख्त कदम उठा रहा है।
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