Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Sunday, 17 May, 2026 • 03:05 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » अरबों की संपत्ति छोड़ ये लोग बन गए जैन भिक्षु, दुनिया की मोह-माया में नहीं लगा मन
Headlines

अरबों की संपत्ति छोड़ ये लोग बन गए जैन भिक्षु, दुनिया की मोह-माया में नहीं लगा मन

January 5, 2021No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

जीवन की आपाधापी में शायद ही ऐसा कोई हो जो धन और वैभव कमाना न चाहता हो। मगर एक समय आता है जब जीवन में सब कुछ पा लेने के बाद भी एक खालीपन सा रहता है और तब मन शांति ढूंढता है। शायद उसी मानसिक शांति और अध्यात्म की चाह में ऐसे कई लोग हैं, जो साधु-साध्वी या जैन भिक्षु बनने का फैसला कर लेते हैं। ऐसे ही कुछ लोग और परिवार हैं जिन्होंने सारा धन-ऐश्वर्य छोड़कर दीक्षा ग्रहण की और सब कुछ छोड़कर भिक्षु बन गए।

हॉन्गकॉन्ग निवासी परीशी शाह (23) अपनी नानी इंदुबेन शाह (73) और मां हेतलबेन के साथ रामचंद्र समुदाय की साध्वी हितदर्शनीश्रीजी के मार्गदर्शन में दीक्षा लेने के लिए तैयार हो गई हैं। तीनों महिलाएं हॉन्गकॉन्ग की एक प्रमुख डायमंड फर्म के परिवार से जुड़ी हैं। उन्होंने धन और वैभव को बहुत करीब से देखा है, लेकिन उन्हें धन आकर्षित नहीं कर सका। वे तपस्या की आभा से आकर्षित हुईं और अब उन्होंने अपना आगे का पूरा जीवन जैन साध्वियों के रूप में बिताने का फैसला लिया है। उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले के दीसा और धानेरा में रहने वाले परिवार ने उनके दीक्षा ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू कर दी है।

अप्रैल 2018 में एक 24 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेट (सीए) ने जैन भिक्षु बनने का फैसला किया। मुंबई की एक बिजनेस फैमिली से ताल्लुक रखने वाले मोक्षेश सेठ अपनी करोड़ों की संपत्ति छोड़ जैन भिक्षु बन गए। गांधीनगर-अहमदाबाद रोड स्थित तपोवन सर्कल में एक समारोह के दौरान मोक्षेश जैन ने भिक्षु के रूप में दीक्षा ली। मोक्षेश का परिवार जेके कॉर्पोरेशन का मालिक है, जिनकी डायमंड, मेटल और शुगर इंडस्ट्रीज हैं। मोक्षेश का कहना है कि वह अब एक विनम्र छात्र के रूप में धर्म का ‘ऑडिट’ करना चाहते हैं। उन्होंने बताया, ‘मैं जब 15 साल का था, तभी मुझे पहली बार जैन भिक्षु बनने का ख्याल आया। मैं मन की शांति चाहता था, जो यह भौतिक संसार उपलब्ध नहीं कराता है।’

साल 2017 में मध्य प्रदेश के नीमच में एक कपल के अपना बच्चा और सारी संपत्ति छोड़कर जैन भिक्षु बनने की घटना ने काफी सुर्खियां बटोरीं। पति-पत्नी के दीक्षा लेने के लिए बेटी का परित्याग करने की बात पर दोनों का विरोध हुआ। पति सुमित ने 23 सितम्बर को पहले ही दीक्षा ले ली थी। उन्हें सुमित मुनि नाम दिया था, लेकिन अनामिका को महज आज्ञा पत्र मिल सका था। हालांकि तमाम कानूनी अड़चनों को पार कर, 100 करोड़ रुपये और बेटी के मोह को त्यागकर अनामिका भी ने हजारों लोगों की मौजूदगी में दीक्षा ले ली।

जून 2017 में गुजरात बोर्ड में 99 प्रतिशत अंक लाकर 12वीं में टॉप करने वाले 17 साल के नौजवान वर्शील शाह भी जैन संन्यासी बन गए। गुजरात के सूरत शहर में तापी नदी के किनारे भव्य दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जैन आचार्यों और जैन समुदाय के हजारों लोगों के सामने वर्शील ने मोह-माया त्यागकर दीक्षा हासिल की। दीक्षा के बाद वर्शील का नाम भी बदल गया है और अब वह सुविर्यरत्न विजयजी महाराज बन गए हैं। इनकम टैक्स अधिकारी जिगर शाह के बेटे वर्शील ने गुजरात बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी थी और टॉप किया था। वर्शील के माता-पिता बताते हैं कि बचपन से ही वर्शील को जैन धर्म के प्रति झुकाव था। वर्शील ने खुद भी इस बात को मानते हुए कहा, ‘मेरा मन हमेशा से चाहता था कि मैं बिना किसी को नुकसान पहुंचाए खुशियां प्राप्त करूं। बोर्ड एग्जाम में टॉप करने के बाद भी मुझे वह खुशी नहीं मिली क्योंकि मैं जानता हूं कि सांसारिक चीजें मुझे वह अनंत और शाश्वत खुशी नहीं दे सकती। मैंने जैन दीक्षा को इसलिए चुना क्योंकि यहां मुझे बिना किसी को तकलीफ पहुंचाए अनंत खुशी का अनुभव होगा।’

सूरत में हीरे का व्यापार करने वाले एक बिजनसमैन ने अपनी पत्नी और 2 बच्चों के साथ अप्रैल 2018 को अहमदाबाद में आयोजित एक भव्य समारोह में दीक्षा ले ली। खास बात यह कि भिक्षु बनने वाले व्यापारी की बेटी को कुछ समय पहले साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी में टॉप करने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने सम्मानित भी किया था। उनका बेटा सीए की पढ़ाई कर रहा था।

जुलाई 2018 में ही एमबीबीएस टॉपर और अरबपति परिवार की बेटी हिना हिंगड ने सांसारिक जीवन त्याग दिया। हिना ने सूरत में आयोजित एक कार्यक्रम में दीक्षा ग्रहण की। जैन परंपरा से दीक्षा लेने के बाद हिना हिंगड़ की पहचान अब साध्वी श्री विशारदमाल हो गई है। हिना पिछले 12 सालों से अपने माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों को दीक्षा लेने के लिए मना रही थीं। हिना ने आध्यात्मिक गुरु आचार्य विजय यशोवर्मा सुरेश्वरजी महाराज से दीक्षा ली। 28 साल की हिना अरबपति परिवार से ताल्लुक रखती हैं। अहमदनगर यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले 3 सालों से प्रैक्टिस कर रही थीं। वह अपने छात्र जीवन में ही अध्यात्म की तरफ आकर्षित हो गई थीं।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleयुवती की हत्या मामले की जांच करने पहुंचे आइजी, सुराग देने वाले का इनाम 50 हजार
Next Article ट्रक ने सीसीएल के सिक्योरिटी गार्ड को कुचला, मौत

Related Posts

Headlines

रांची पुलिस का तगड़ा “प्रहार”, रातों-रात बदला शहर का माहौल… जानें कैसे

May 17, 2026
Headlines

“50 लाख दो, नहीं तो करोड़ों का नुकसान कर देंगे”, BGR को TPC की धमकी

May 17, 2026
Headlines

थानेदार मंटू कुमार सस्पेंड, एक हफ्ता पहले SSP से मिला था बड़ा सम्मान

May 17, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

रांची पुलिस का तगड़ा “प्रहार”, रातों-रात बदला शहर का माहौल… जानें कैसे

May 17, 2026

“50 लाख दो, नहीं तो करोड़ों का नुकसान कर देंगे”, BGR को TPC की धमकी

May 17, 2026

थानेदार मंटू कुमार सस्पेंड, एक हफ्ता पहले SSP से मिला था बड़ा सम्मान

May 17, 2026

राशिफल @ 17 मई 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

May 17, 2026

गुरु नानक ट्रस्ट चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल, प्रशासन ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

May 16, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.