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Ranchi : डिजिटल अरेस्ट कर लोगों के खाते से माल उड़ा लेने के इल्जाम में झारखंड CID की साइबर क्राइम थाना ने तीन शातिर ठगों को धरा है। इन लोगों ने मिलकर एक खाते से एक करोड़ 39 लाख रुपये झटक लिये। गिरफ्तार साइबर अपराधियों में बी तेलंगाना निवासी इससेक अहमद, कुन्नापुल्ली सुब्रमण्या शर्मा और मिजोरम निवासी लालदूशंगा शामिल है। इनके पास से चार मोबाइल, चार सिम, एटीएम कार्ड पांच, लैपटाप एक,चेकबुक तीन, आधार कार्ड, वोटर आईडी और कांड से संबंधित व्हाट्सअप चार्ट बरामद किया है। इस बात का खुलासा आज CID की DSP नेहा बाला ने किया।
DSP नेहा बाला ने मीडिया को बताया कि साइबर क्राइम थाना कांड संख्या 50/25 बीते 14 मई को दर्ज हुआ था। इस कांड में साइबर अपराधी के द्वारा व्हाट्सअप कॉल के जरिए केन्द्रीय प्रवर्तन एजेंसियों अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध में झूठा फंसाने की धमकी दी और तत्काल पीड़िता के खाते से 1.39 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
तफ्तीश के क्रम में प्राप्त तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर छापामारी कर कांड में संलिप्त तीन साइबर अपराधकर्मी को तेलंगाना और मिजोरम से गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ अन्य राज्यों में कुल 15 मामले दर्ज हैं। DSP ने बताया कि कुनापुली सुब्रमण्या शर्मा की जांच में खुलासा हुआ कि वह दुबई स्थित साइबर क्राइम सिंडिकेट के साथ करीबी तालमेल में काम कर रहा था। यह सिंडिकेट आरएके बैंक दुबई में खोले गये प्रोपराइटरशिप फर्मों और बैंक खातों के जरिये काम करता था, साथ ही भारत स्थित बैंक खातों का इस्तेमाल पीड़ितों से झटके हुए माल को ट्रांसफर करने के लिए करता था।
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