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News Samvad : हरियाणा की मिट्टी से निकला एक युवा आज दुनिया के मंच पर तिरंगा लहराने का गौरव हासिल कर चुका है। 23 साल के शूटर अनीश भानवाला का नाम अब शूटिंग की दुनिया में गर्व से लिया जा रहा है। रविवार को उन्होंने इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) वर्ल्ड चैंपियनशिप में 25 मीटर रैपिड-फायर पिस्टल इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर न सिर्फ अपने राज्य का, बल्कि पूरे देश का सिर ऊंचा कर दिया।
बचपन से था निशानेबाजी का जुनून
अनीश के घर में खेलों का माहौल रहा है। बचपन में खिलौने की बंदूक से निशाना लगाने वाले अनीश ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन असली बंदूक से दुनिया के सबसे बड़े शूटिंग मंच पर निशाने लगाएंगे। उनके पिता ने शुरुआती दिनों में उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग दिया। स्कूल के दिनों में ही उन्होंने स्थानीय शूटिंग रेंज में अभ्यास शुरू किया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
Shooting, ISSF World Championships 2025: Finally finally finally, Anish Bhanwala becomes a world championships medalist in 25m RFP!
— Vishank Razdan (@VishankRazdan) November 9, 2025
संघर्षों के बीच गढ़ी गई यह जीत
हर सफलता के पीछे संघर्ष की एक कहानी होती है। अनीश के लिए भी यह सफर आसान नहीं रहा। कई बार उन्होंने कोशिश की, पर सफलता हाथ नहीं लगी। कई प्रतियोगिताओं में मामूली अंतर से मेडल छूट गया। उन्होंने खुद कहा, “मैंने पहले भी कई बार कोशिश की थी, लेकिन दबाव में मेरा प्रदर्शन गिर जाता था। इस बार मैंने मानसिक मजबूती पर काम किया और अपनी गलतियों से सीखा।”
फाइनल में दिखाया धैर्य और आत्मविश्वास
फाइनल मुकाबले में जब दूसरे खिलाड़ी दबाव में चूक रहे थे, अनीश शांत और केंद्रित रहे। दो कठिन शूट-ऑफ में उन्होंने जबरदस्त संयम दिखाया और 28 पॉइंट्स हासिल कर दूसरा स्थान पाया। उनकी यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में पिस्टल इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
SILVER ‼️ Super shooting by Anish@anish_bhanwala for a first worlds medal, a in the men’s rapid-fire pistol with a score of 28 in the final. Here he (left) is with Clement Bessaguet (centre) & Maksym Horodynets (right) . #ISSFWorldChampionship #Cairo pic.twitter.com/kyqUX1NkMk
— NRAI (@OfficialNRAI) November 9, 2025
खुशी के साथ जिम्मेदारी का एहसास भी
जीत के बाद अनीश ने कहा, “इस एहसास को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह सिर्फ मेरी जीत नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया।” उन्होंने आगे कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।
अब नजर वर्ल्ड कप फाइनल पर
अनीश की यह उपलब्धि उन्हें दोहा वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालीफाई करा चुकी है। अब उनका लक्ष्य गोल्ड जीतकर भारत का नाम और भी ऊंचा करना है।
अनीश की कहानी हर भारतीय युवा के लिए प्रेरणा
अनीश भानवाला की कहानी सिर्फ एक खेल जीतने की नहीं, बल्कि उस जज्बे की है जो हार के बाद भी हार नहीं मानता। सीमित संसाधनों, साधारण पृष्ठभूमि और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने साबित किया कि मेहनत और आत्मविश्वास से कुछ भी असंभव नहीं।
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