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Garhwa (Nityanand Dubey) : गढ़वा जेल में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जेल अदालत, विधिक जागरूकता कार्यक्रम और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नालसा (NALSA) और झालसा (JHALSA) के निर्देश पर तथा प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) अध्यक्ष दिनेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस मौके पर DLSA के चेयरपर्सन दिनेश कुमार ने कैदियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता, बल्कि परिस्थितियां उसे इस स्थिति में लाती हैं। उन्होंने कैदियों से अपील की कि रिहा होने के बाद वे समाज में अच्छे कार्य करें, ताकि उनका, समाज का और देश का भला हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि देश की तरक्की में हर नागरिक का योगदान जरूरी है।
दिनेश कुमार ने कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई कैदी अपने केस के लिए वकील नहीं कर सकता या जिला अदालत में केस का निपटारा होने के बाद उच्च न्यायालय में अपील या जमानत के लिए आवेदन करना चाहता है, तो वह काराधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गढ़वा को आवेदन भेज सकता है। इसके बाद उसे निःशुल्क वकील उपलब्ध कराया जाएगा और त्वरित न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। स्वास्थ्य जांच शिविर में कैदियों का मेडिकल परीक्षण किया गया और आवश्यकता अनुसार उन्हें दवाएं दी गईं।
जेल अदालत के दौरान तीन कैदियों- महाराजा खरवार (पिता: राजदेव खरवार, ग्राम-रेडमा, पलामू), साजन कुमार (पिता: नरेंद्र धिक्कार, ग्राम-नवादा, गढ़वा) और ज्ञानी कुमार (पिता: नागेंद्र प्रताप, ग्राम-नवादा, गढ़वा) — को निर्दोष पाया गया। ये तीनों लगभग 9 महीने से न्यायिक हिरासत में थे और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, गढ़वा के न्यायालय में इनके मामले चल रहे थे। अदालत के आदेश के बाद इन्हें रिहा कर दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गढ़वा मो. अब्दुल नसीर, सिविल जज जूनियर डिवीजन अभिनव त्रिपाठी, प्रभारी कारा अधीक्षक संजय कुमार, एलएडीसीएस सुधीर तिवारी, विजय कुमार और उत्तम भारती, सदर अस्पताल गढ़वा की मेडिकल टीम, तथा न्यायालय कर्मी दीनदयाल पाठक, अमर कुमार, राजेश कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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