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Ranchi : झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत सभी दलों के विधायकों ने खड़े होकर उन्हें नमन किया और उनके योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान सदन में कई भावनात्मक पल देखने को मिले। डुमरी विधायक जयराम महतो ने मांग की कि झारखंड के पारसनाथ पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की मूर्ति स्थापित की जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान और आंदोलन से जुड़े वीर सपूतों… गुरूजी, बिनोद बिहारी महतो, शिवा महतो और निर्मल महतो की प्रतिमाएं पारसनाथ की चोटी पर लगनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान और संघर्ष को याद रख सकें।
मै चाहता हूँ पारसनाथ के सबसे ऊँची चोटी पर एक Statue Of Revolution बनाया जाय जिसमे गुरूजी, बिनोद बिहारी महतो, कॉमरेड A K रॉय, शिवा महतो, निर्मल महतो जैसे विरों की मूर्ति हो, मै सरकार से ये माँग करता हूँ।@JLKMJHARKHAND @HemantSorenJMM @JmmJharkhand pic.twitter.com/tepQrOgn9G
— Tiger jairam mahto (@JairamTiger) August 22, 2025
वहीं, पौड़ेयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने सदन में मांग रखी कि शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए विधानसभा से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने कहा कि गुरुजी का योगदान सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज और हाशिए पर खड़े लोगों के संघर्ष से जुड़ा है। इसके अलावा प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि दिशोम गुरु की संघर्ष गाथा और जीवनी को राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि बच्चे झारखंड आंदोलन और उसके नायकों से प्रेरणा ले सकें। सदन में सर्वसम्मति से इस बात को स्वीकार किया गया कि शिबू सोरेन का जीवन झारखंड की अस्मिता, संघर्ष और आत्मसम्मान का प्रतीक रहा है।
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