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News Samvad : अगर आपके परिवार का कोई सदस्य अमेरिका में स्टूडेंट वीज़ा पर है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। अमेरिकी इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन (AILA) की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में 327 अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के वीज़ा रद्द कर दिए गए हैं, जिनमें से लगभग 50% भारतीय छात्र हैं।
AILA के अनुसार, इनमें 14% छात्र चीन से हैं, जबकि दक्षिण कोरिया, नेपाल और बांग्लादेश के छात्र भी इस कार्रवाई का शिकार हुए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023-24 में अमेरिका में 3.32 लाख भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो वहां के कुल अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का 29% हैं।
- OPT पर रहने वाले छात्रों पर बड़ा असर
ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) एक ऐसी सुविधा है, जो छात्रों को अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ समय तक काम करने की अनुमति देती है। सामान्यतः यह 12 महीने की होती है, लेकिन STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) वाले छात्रों के लिए इसे 24 महीने तक बढ़ाया जा सकता है। AILA के अनुसार, जिन छात्रों के रिकॉर्ड रद्द हुए, उनमें से 50% OPT पर थे। इन छात्रों के लिए अपनी स्थिति बहाल करना अधिक कठिन हो गया है।
- वीज़ा कैंसिलेशन के पीछे के कारण
AILA ने बताया कि कई छात्रों को पुलिस से मामूली मुद्दों पर बातचीत के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा। इनमें स्पीडिंग टिकट, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना, नशे में गाड़ी चलाना, और अन्य छोटे उल्लंघन शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिन भारतीय छात्रों के वीज़ा रद्द हुए, उनमें से 65% OPT पर थे और 87% ने बताया कि उनकी किसी न किसी रूप में पुलिस से बातचीत हुई।
- SEVIS रिकॉर्ड का खत्म होना गंभीर
SEVIS एक अमेरिकी सरकारी डेटाबेस है, जिसमें हर अंतर्राष्ट्रीय छात्र का रिकॉर्ड होता है। यदि इसका रिकॉर्ड समाप्त कर दिया जाए, तो छात्र की F या M वीज़ा स्थिति खत्म मानी जाती है, जिससे वह काम नहीं कर सकता और अमेरिका में फिर से प्रवेश नहीं कर सकता।
- छात्रों में डर और अनिश्चितता
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाया और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से इस पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि वीज़ा रद्द करने के कारण अस्पष्ट हैं और इससे छात्रों में डर का माहौल बन रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी है और अमेरिका में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास छात्रों की मदद कर रहे हैं।
AILA की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर मामलों में स्पष्ट कारण नहीं दिए गए और कई छात्रों को केवल अपने विश्वविद्यालय से नोटिस मिला। AILA ने इसे विदेशी छात्रों के लिए परेशान करने वाली स्थिति बताया है।
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