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Home » संविधान के अनुच्छेद 51 में निहित है ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की व्यापक सोच: आनंदीबेन पटेल
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संविधान के अनुच्छेद 51 में निहित है ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की व्यापक सोच: आनंदीबेन पटेल

November 8, 2019No Comments4 Mins Read
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अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

– राज्यपाल ने किया विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 20वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन
– 71 देशों के 285 से अधिक मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश व कानूनविद कर रहे हैं शिरकत

लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को सिटी माण्टेसरी स्कूल द्वारा आयोजित विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 20वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रथम सत्र का दीप प्रज्ज्वलित करके उद्घाटन किया। सम्मेलन में प्रतिभाग करने के लिए विभिन्न देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद के अध्यक्ष, न्यायमंत्री, संसद सदस्य, इण्टरनेशनल कोर्ट के न्यायाधीश एवं विश्व प्रसिद्ध शान्ति संगठनों के प्रमुख समेत 71 देशों के 285 से अधिक मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश व कानूनविद राजधानी पहुंचे हैं।

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हम सम्पूर्ण पृथ्वी को मानते हैं अपना घर
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम के उच्च आदर्शों पर आधारित है और यही व्यापक सोच हमारे संविधान के अनुच्छेद 51 में निहित है। उन्होंने कहा ​कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 51 विश्व में एकता, शांति और मानवता की भलाई करने एवं संसार के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने की बात करता है। हमारे देश की संस्कृति एवं सभ्यता ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की रही है, जिसमें हम सम्पूर्ण पृथ्वी को अपना घर और इसके समस्त मानव जाति को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में हमारा यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि हम विश्व कल्याण एवं मानव जाति की भलाई के लिए काम करें।

ढाई अरब बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना पहली प्राथमिकता
राज्यपाल ने कहा कि विश्व के 2.5 अरब बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ‘प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय कानून व्यवस्था’ सबसे सशक्त माध्यम है, जिसका रास्ता भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 से निकलता है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 51 की भावना को आत्मसात करके ही ‘विश्व संसद’, ‘विश्व सरकार’ व प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का गठन सम्भव है। आनंदीबेन पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायाधीशों के इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन से आगे आने वाली पीढ़ी को एक सुन्दर एवं सुरक्षित भविष्य प्राप्त होगा।

औपचारिक उद्घाटन 09 नवम्बर को होगा
इस ऐतिहासिक सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में 09 नवम्बर को होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ मुख्य अतिथि होंगे जबकि समारोह की अध्यक्षता प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित करेंगे। राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि होंगे।

विश्व एकता मार्च का होगा आयोजन
उद्घाटन समारोह से पूर्व प्रातः आठ बजे विभिन्न देशों के न्यायविद्, कानूनविद् व राष्ट्र प्रमुख छात्रों के ‘विश्व एकता मार्च’ का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा 9 नवम्बर को ही सायं पांच बजे देश-विदेश से पधारे इन गणमान्य अतिथियों के सम्मान में ‘स्वागत समारोह’ का आयोजन किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। महापौर संयुक्ता भाटिया इण्टरनेशन क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन्टोनी केसिया-एम.बी.ई. मिन्दुआ को ‘लखनऊ नगर की चाभी’ भेंटकर सम्मानित करेंगी।

विभिन्न देशों से आये हैं अतिथि-कानूनविद
सम्मेलन में एन्थोनी थाॅमस अकीनास कार्मोना, फिफ्थ प्रेसीडेन्ट, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, डॉ. पकालिथा बी. मोसिलिली, पूर्व प्रधानमंत्री, लेसोथो, जीन हेनरी सेंट, प्रधानमंत्री, हैती, प्रो. एरोन मिशैल ओकाये, संसद अध्यक्ष, घाना, आर्थुर होल्डर एम.पी., स्पीकर, हाउस ऑफ असेम्बली, बारबडोस, वायने टेलर, स्पीकर, नेशनल असेम्बली, टक्र्स एण्ड काईकोस, डॉ. हेक्टर आर्क जैकोनेटा, न्यायमंत्री, बोलीविया, प्रो. रेनाटा डेस्कोस्का, न्यायमंत्री, नार्थ मैसीडोनिया, गिवेन लुबिन्डा, न्यायमंत्री, जाम्बिया, लियोनार मैग्टोलिस ब्रियोन्स, सेक्रेटरी ऑफ एजुकेशन, फिलीपीन्स, सिध्रा प्रोम, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस, कम्बोडिया, खेमलिन कू, डेप्युटी जनरल, मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस, कम्बोडिया, न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस, नीदरलैण्ड, न्यायमूर्ति एन्टोनी केशिया मिन्दुआ, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड, न्यायमूर्ति जाफरी हेण्डरसन, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड आदि प्रमुख हैं।
दुनिया के हर कोने से आए प्रतिभागी हुए हैं शामिल
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिभागी देशों में भारत सहित अफगानिस्तान, अल्जीरिया, अंगोला, आर्मेनिया, अजरबैजान, बांग्लादेश, बारबडोस, बेनिन, भूटान, बोलिविया, बोस्निया एण्ड हर्जेगोविना, ब्राजील, बुर्कीना फासो, बुरूण्डी, कैमरून, कम्बोडिया, केप वर्डे, सेन्ट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, कोमोरोस, क्रोएशिया, कांगो, जिबूती, इक्वाडोर, इजिप्ट, इक्वाटोरियल गुनिया, इरीटिया, इश्वातिनी (स्वाजीलैण्ड) और फिजी हैं। इसके अलावा जर्मनी, घाना, ग्वाटेमाला, गिनिया बिसाऊ, गुयाना, हैती, इजराइल, जमैका, जापान, किर्गिज रिपब्लिक, लेबनान, लेसोथो, लीबिया, मेडागास्कर, मलावी, माॅरीशस, मंगोलिया, मोरक्को, मोजाम्बिक, म्यांमार, नेपाल, नीदरलैण्ड, पेरू, फिलीपीन्स, मैसीडोनिया, सहरावी अरब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, सेनेगल, सर्बिया, स्लोवेनिया, सोमालिया, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, साउथ सूडान, सूडान, सूरीनाम, तंजानिया, थाईलैण्ड, टोगो, त्रिनिदाद एण्ड टोबैगो, टक्र्स एण्ड काईकाॅज आइसलैण्ड, युगांडा, यूक्रेन, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और जाम्बिया प्रमुख हैं।

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