Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Monday, 14 September, 2026 • 02:51 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » दिल्ली सरकार ने कहा-22 जनवरी को नहीं दी जा सकती फांसी : निर्भया केस
देश

दिल्ली सरकार ने कहा-22 जनवरी को नहीं दी जा सकती फांसी : निर्भया केस

January 15, 2020No Comments5 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले के ट्रायल कोर्ट से जारी डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता मुकेश को निर्देश दिया कि वो ट्रायल कोर्ट जाकर बताएं कि उनकी दया याचिका अभी लंबित है।

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा कि किसी भी सूरत में निर्भया के दोषियों को 22 जनवरी को फांसी सम्भव नहीं है। 21 जनवरी दोपहर हम ट्रायल कोर्ट का रुख करेंगे। अगर दया याचिका खारिज होती है तो भी सुप्रीम के फैसले के मुताबिक 14 दिन की मोहलत वाला नया डेथ वारंट जारी करना होगा। सुनवाई के दौरान जस्टिस मनमोहन ने कहा कि ऐसा लगता है कि ये याचिका मामले को खींचने के लिए दायर की गई है। कोर्ट ने कहा कि 2017 में जब दोषियों की अपील को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया था तभी उन्हें दया याचिका दाखिल करनी चाहिए थी क्योंकि दया याचिका दाखिल करने की घड़ी तभी से शुरू हो गई थी। तब रेबेका जॉन ने कहा कि वो खुद डेथ वारंट पर रोक लगाने के लिए निचली अदालत जाना चाहते हैं और पूरे केस को कोर्ट के समक्ष रखना चाहते हैं लेकिन हम कोर्ट से अंतरिम राहत चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वो अपनी याचिका को वापस लेना चाहती हैं लेकिन एक गुहार के साथ कि दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकें।

auto

सुनवाई के दौरान मुकेश की तरफ से वकील रेबेका जॉन ने कहा कि डेथ वारंट को रद्द किया जाए क्योंकि उसकी दया याचिका अभी राष्ट्रपति के पास लंबित है। उन्होंने कहा कि तिहाड़ जेल ने जो नोटिस सभी को सर्व किया था उसमें केवल दया याचिका का जिक्र था, क्युरेटिव का नहीं। रेबेका जॉन ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि नौ जनवरी को दो दोषियों मुकेश और विनय ने क्युरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी। रेबेका जॉन ने कोर्ट को बताया कि उसे तिहाड़ जेल प्रशासन का नोटिस मिला था और उसने ही वृंदा ग्रोवर को क्युरेटिव याचिका दाखिल करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट छह जनवरी को खुला। वृंदा ग्रोवर ने तिहाड़ जेल से कुछ दस्तावेज मांगे थे ताकि क्युरेटिव पिटीशन दाखिल किया जा सके। लेकिन ट्रायल कोर्ट ने सात जनवरी को डेथ वारंट जारी कर दिया।

रेबेका जॉन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 जनवरी को दो बजे क्युरेटिव पिटीशन खारिज कर दिया था और उसके बाद तीन बजे राष्ट्रपति को भेजने के लिए दया याचिका तिहाड़ जेल के अधीक्षक को सौंपा गया। तब जस्टिस मनमोहन ने पूछा कि आपकी अपील 2017 में ही खारिज हो गई थी तो आपने क्युरेटिव और दया याचिका क्यों नहीं दाखिल किया। आप ढाई साल से क्या कर रहे थे। कानून आपको क्युरेटिव और दया याचिका दायर करने के लिए उचित समय देता है। तब रेबेका जॉन ने कहा कि किसी भी याचिका को खारिज करते समय सुप्रीम कोर्ट ने ये नहीं कहा कि याचिका दायर करने की समय सीमा खत्म हो गई थी।

रेबेका जॉन ने कहा कि राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की गई है। उस पर पहले फैसला होना चाहिए। अगर दया याचिका खारिज होती है तो उसके बाद याचिकाकर्ता को 14 दिनों का समय कानूनी विकल्प अपनाने के लिए मिलता है।

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से एएसजी मनिंदर आचार्य ने कहा कि यह याचिका प्रीमैच्योर है और यह सुनवाई योग्य नहीं है। इस याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेल मैनुअल के मुताबिक अपील खारिज होने के बाद दया याचिका दायर करने के लिए सात दिनों का समय मिलता है। उन्होंने कहा कि क्युरेटिव पिटीशन और दया याचिकाएं दोषियों द्वारा अलग-अलग दायर की जा रही हैं ताकि न्यायिक प्रक्रिया को बाधित किया जा सके।

दिल्ली पुलिस की ओर से वकील राहुल मेहरा ने कहा कि दया याचिका के निपटारे तक फांसी नहीं दी जा सकती है। अगर दोषियों की ओर से जानबूझकर कर देरी हो रही है तो कोर्ट फांसी के अमल की प्रकिया में तेजी लाने को कह सकती है।

रेबेका जॉन ने कहा कि याकूब मेनन का केस अलग था। उसकी ओर से अलग-अलग समय में दो-दो दया याचिकाएं दाखिल की गई थीं। पहली दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा खारिज होने के बाद उसे 14 दिनों की मोहलत मिली थी। राज्यपाल द्वारा दूसरी बार दया याचिका खारिज होने के बाद उसे ये 14 दिन का वक्त नहीं मिला था। राहुल मेहरा ने कहा कि दिल्ली सरकार को मुकेश की दया याचिका मिल गई और आज ही दिल्ली सरकार इस पर फैसले लेकर उप-राज्यपाल के पास भेज देगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले सात जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर दिया था। कोर्ट ने चारो को 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी देने का आदेश दिया था। पिछले 14 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने दो दोषियों विनय और मुकेश की क्युरेटिव पिटीशन को खारिज कर दिया।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleआतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए विश्व को करना होगा आंकलनः एस.जयशंकर
Next Article आरएसएस नेता की हत्या करने वाला आतंकी डोडा में मारा गया

Related Posts

Headlines

राजधानी में अगले 3 घंटे गरज-चमक के साथ बारिश

September 14, 2026
Headlines

राजधानी में ताबड़तोड़ चली गोलियां, तफ्तीश में जुटी पुलिस

September 13, 2026
झारखंड

‘बच्चे को स्क्रीन नहीं, आपका वक्त चाहिए’… भागे हुए किशोर की वापसी पर DSP की दो टूक नसीहत

September 13, 2026
Advertisement
auto
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

जेब में कंघी रखने वाले पुरुषों की कैसी होती है पर्सनैलिटी? मनोविज्ञान ने खोला राज

September 14, 2026

राजधानी में अगले 3 घंटे गरज-चमक के साथ बारिश

September 14, 2026

राशिफल @ 14 सितंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

September 14, 2026

रामगढ़ की शिवानी सिन्हा को मिली लोजपा (रामविलास) में बड़ी जिम्मेदारी… जानें क्या

September 13, 2026

‘बप्पा’ के उत्सव के लिए सुरसंड तैयार… सात दिन सजेगा दरबार, तगड़ी होगी सुरक्षा 

September 13, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.