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New delhi : नीट पेपर लीक विवाद और देश में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा सचिव के पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। विनीत जोशी की जगह नरेश कुमार गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, टी.के. अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव के बाद अब शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों के पास होगी।
संजय कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद एक ही अधिकारी के पास थी बड़ी जिम्मेदारी
दरअसल, 30 जून को संजय कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद विनीत जोशी को उच्च शिक्षा सचिव के साथ-साथ स्कूली शिक्षा सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। इसके अलावा वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। इस तरह पिछले कुछ समय से शिक्षा मंत्रालय की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां एक ही अधिकारी के पास थीं। अब केंद्र सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों को सौंप दी है।
एनटीए के पहले महानिदेशक रह चुके हैं विनीत जोशी
विनीत जोशी का नाम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए से भी जुड़ा रहा है। वह एनटीए के पहले महानिदेशक थे। वर्ष 2017 में इंजीनियरिंग, मेडिकल और दूसरी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के संचालन के लिए एनटीए की स्थापना की गई थी। इसके बाद 2018 में विनीत जोशी को एजेंसी का पहला महानिदेशक बनाया गया। वह वर्ष 2021 तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल में जेईई, नीट, सीयूईटी और यूजीसी नेट जैसी कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं का संचालन एनटीए के माध्यम से किया गया।
पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद बढ़े सवाल
पिछले कुछ वर्षों में एनटीए की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। इन मामलों को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी गई। नीट पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर बहस और तेज हो गई। लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय में हुआ यह प्रशासनिक बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीबीएसई अध्यक्ष और मणिपुर के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं
विनीत जोशी इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्ष 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा के बाद उन्हें राज्य का मुख्य सचिव बनाया गया था। इसके बाद उन्हें केंद्र में वापस बुलाकर शिक्षा मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। अब उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। वहीं, उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा विभाग के लिए अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्ति के बाद मंत्रालय की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव आया है। नीट और दूसरी राष्ट्रीय परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों का भरोसा बहाल करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

