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Home » पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार लोगों को भारतीय नागरिकता से मिलेगा बेहतर भविष्य : मोदी
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पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार लोगों को भारतीय नागरिकता से मिलेगा बेहतर भविष्य : मोदी

December 6, 2019No Comments4 Mins Read
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अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार के प्रस्तावित नागरिकता (संशोधन) विधेयक (केब) से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार लोगों को भारतीय नागरिकता के जरिये सुरक्षा और बेहतर भविष्य हासिल होगा।

मोदी ने एक मीडिया संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों से आए सैकड़ों परिवार, जिनको मां भारती में आस्था थी, जब इनकी नागरिकता का रास्ता खुलेगा तो उससे उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित होगा। मोदी की यह टिप्पणी केब के संदर्भ में आई, जिसे हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले गैर-मुस्लिमों को नागरिकता देने का प्रावधान है।

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अयोध्या प्रकरण पर फैसले के बाद देश के माहौल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले बहुत सारी आशंकाएं जताई जा रही थीं लेकिन देश की जनता ने सारी आशंकाओं को गलत साबित कर दिया। इसके पीछे का भाव बेहतर कल ही था।

अनुच्छेद-370 को समाप्त करने पर मोदी ने कहा कि यह फैसला राजनीतिक तौर पर मुश्किल भले लगता हो लेकिन इसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों में विकास की नई उम्मीद जगाई है।

प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के संबंध में कहा कि सरकार देश के 130 करोड़ लोगों के बेहतर भविष्य के लिए सही इरादे, सर्वेश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी और प्रभावी कार्यान्वयन के रोडमैप के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर कल के लिए हमारी सरकार वर्तमान की चुनौतियों पर काम कर रही है। ये चुनौतियां आज पैदा हुई हैं ऐसा नहीं है, ये दशकों से चली आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि 19वीं-20वीं सदी की मानसिकता वाले गवर्नेंस मॉडल के साथ 21वीं सदी के भारत की उम्मीदों को पूरा करना बहुत मुश्किल था। इसलिए बीते पांच वर्षों में हमने इस सिस्टम को और सरकार के मानव संसाधन को ट्रांसफॉर्म करने का एक गंभीर प्रयास किया।

मोदी ने कहा कि गवर्नेंस के इन्फ्रास्ट्रक्चर में किया जा रहा ये सुधार सिर्फ पांच या दस वर्ष के लिए नहीं है। ये सिर्फ हमारी सरकार तक सीमित नहीं है। इसका लाभ आने वाले दशकों तक देश को मिलने वाला है। यही सोच और अप्रोच हमारी रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या देश की प्रगति के लिए संवाद महत्वपूर्ण है। आज के ये संवाद ही बेहतर कल की बुनियाद बनते हैं।

मोदी ने कहा कि दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय भी 40 लाख लोगों के बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय पर मोदी ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को बैंक अधिकारियों को आश्वस्त करने से पहले मजबूत किया गया है। उनके व्यापार निर्णयों पर सवाल नहीं उठाया जाएगा। तीन तलाक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के देश से मुक्ति मिलने से देश के लाखों परिवारों को बेहतर कल का अहसास मिला है।

मोदी ने बिना नाम लिये पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने समाज और देश के प्रमुख भागों की उपेक्षा की थी। हम उन लोगों में से नहीं हैं, जो अपनी किताब के पन्ने खाली छोड़कर चले जाएं। हम नया अध्याय लिखने वालों में हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अब 112 जिलों को आकांक्षी जिलों की तरह विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में विकास के सभी मानकों पर फोकस करके हम इन जिलों में काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अकुशल सरकारी कर्मियों को स्‍वैच्छिक सेवा निवृत्ति योजना (वीआरएस) देने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम प्रोफेशनलिज्म पर जोर दे रहे हैं और कई अधिकारियों को हमने विदा कर दिया। इससे नए अधिकारियों के बीच अच्छा संदेश गया।

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