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News Samvad : भारतीय रेलवे यात्रियों, खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगों को बेहतर सुविधा देने के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों के स्टॉपेज वाले प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ा रहा है। प्लेटफॉर्मों की ऊंचाई भी बढ़ाई जा रही है ताकि यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में परेशानी न हो।
लंबी ट्रेनों और LHB कोच के कारण बढ़ी जरूरत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नए LHB कोच पुराने कोच की तुलना में थोड़े लंबे हैं। भीड़ के समय ट्रेनों में 24 तक अतिरिक्त कोच जोड़ने पड़ते हैं। कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म इतने लंबे नहीं हैं कि पूरी ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुक सके। इसी वजह से प्लेटफॉर्म विस्तार का काम शुरू किया गया है।
महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ऊंचे प्लेटफॉर्म
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए छोटे और बड़े दोनों तरह के स्टेशनों पर रेल-लेवल और मध्यम-लेवल प्लेटफॉर्म को ऊंचा किया जा रहा है। इससे सफर करने वाले कमजोर, बुजुर्ग और महिला यात्रियों को काफी आसानी होगी। कई स्टेशनों पर नए शेल्टर भी लगाए जा रहे हैं।
262 करोड़ से अधिक की लागत से काम जारी
उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर डिवीजन में प्लेटफॉर्म विस्तार और शेल्टर निर्माण पर लगभग 262 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
अजमेर और बीकानेर में 21 स्टेशनों पर बड़े बदलाव
उदयपुर, पिपलाज, मोरीबेरा समेत 21 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्मों को हाई लेवल में बदला जा रहा है। इस काम पर लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
342 करोड़ रुपये से हो रहा प्लेटफॉर्म एलिवेशन
कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने, विस्तार और शेल्टर लगाने का काम 342 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
राजस्थान के 46 स्टेशनों पर नए शेल्टर
फुलेरा, सीकर, झुंझुनू, अलवर सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए 37 करोड़ रुपये की लागत से शेल्टर लगाए जा रहे हैं।
63 स्टेशनों पर अतिरिक्त शेल्टर निर्माण
जैसलमेर, नागौर, पोखरण, सुजानगढ़ समेत 63 स्टेशनों पर 62 करोड़ रुपये खर्च कर शेल्टर लगाए जा रहे हैं।
अजमेर डिवीजन में फुल-लेंथ शेल्टर
अजमेर, फालना, डूंगरपुर और भीलवाड़ा सहित 17 स्टेशनों पर 113 करोड़ रुपये से फुल-लेंथ प्लेटफॉर्म शेल्टर बनाए जा रहे हैं।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
यात्रियों ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि त्योहारों में भीड़ बढ़ जाती है और प्लेटफॉर्म छोटे होने से ट्रेन में चढ़ने में दिक्कत होती है। अब यह समस्या काफी कम होगी।
देशभर में स्टेशनों का ग्रेड और सुधार
देश में 9274 कमर्शियल स्टेशन हैं जिन्हें अलग-अलग ग्रेड में बांटा गया है। स्टेशन ग्रेड हर पांच साल में बदला जाता है।
आदर्श स्टेशन योजना और अमृत भारत स्टेशन योजना
2023-24 में आदर्श स्टेशन योजना के तहत 1253 स्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है। अमृत भारत योजना के तहत 1337 स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से 155 का काम पूरा हो चुका है।
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