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Ranchi : रांची के मुख्य चौराहों से लेकर सरकारी भवनों तक, आज मनरेगा कर्मियों की आवाज़ अलग ही गूंज रही थी। भीड़ में सैकड़ों कर्मी अपने हक और सुरक्षा के लिए एकजुट थे। इसी बीच ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सीधे इस भीड़ के बीच कदम रखा। उनके आने का हर कर्मी ने स्वागत किया, क्योंकि यह पहली बार था जब कोई मंत्री अपनी कुर्सी से उठकर सीधे उनके सामने आई।
कर्मियों की सच्ची चिंताएं
भीड़ में खड़े कर्मियों ने अपने दिन-प्रतिदिन के संघर्ष और लंबित मुद्दों को साझा किया। उनके बीच कई लोगों की आंखों में चिंता, आशंका और उम्मीद एक साथ झलक रही थी। कर्मियों ने ग्रेड पे निर्धारण, नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा, सेवा सुरक्षा नीति और बर्खास्तगी मामलों में पारदर्शी सुनवाई की मांग रखी। कुछ कर्मियों ने तो यह भी कहा कि अपीलीय प्राधिकरण की स्थापना से उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा।

मंत्री दीपिका ने दिया भरोसा
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने प्रत्येक समस्या को ध्यान से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी न्यायोचित और वैध मांगों की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी और जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम ग्रामीण भारत की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा कर्मियों की समस्याओं को अनसुना नहीं करेंगे। आपकी आवाज़ हमारी प्राथमिकता है।”

‘पूरी सक्रियता से काम कर रही सरकार’
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए पूरी सक्रियता से काम कर रही है। उनका कहना था कि मनरेगा कर्मियों के मुद्दे सिर्फ प्रशासनिक मामलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह ग्रामीण समाज की मजबूती और देश की प्रगति से सीधे जुड़े हैं।

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