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New Samvad Desk : तमिलनाडु के करुर में एक ऐसा मंजर सामने आया, जिसे कोई भूल नहीं सकता। एक चुनावी रैली थी, नेता विजय का इंतजार कर रही हजारों की भीड़ थी, लेकिन जो उम्मीदें और जोश होना चाहिए था, वह अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। महज कुछ मिनटों में 39 जिंदगियां खत्म हो गईं।
इनमें 8 मासूम बच्चे थे, 16 महिलाएं थीं शायद किसी की मां, बहन या बेटी। कुल 95 लोग घायल हुए, जिनमें से कई ICU में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
क्यों मची भगदड़?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, TVK प्रमुख और अभिनेता से नेता बने विजय रैली में देरी से पहुंचे। जैसे-जैसे इंतजार बढ़ा, भीड़ बेकाबू होती गई। और फिर एक छोटी सी चूक ने वो तबाही ला दी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
तमिलनाडु पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। एक केस दर्ज हुआ है और कई ऐंगल से जांच जारी है क्या ये सिर्फ भीड़ का प्रबंधन फेल होना था, या कुछ और?
CM स्टालिन की भावुक प्रतिक्रिया
राज्य के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु के इतिहास में किसी भी राजनीतिक रैली में इतनी बड़ी जान हानि कभी नहीं हुई।” उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए 10 लाख रुपये और घायलों के लिए 1 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया।
इसके साथ ही एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज करेंगे।
अस्पताल में दर्द और दुआएं
घटना के बाद सीएम स्टालिन खुद अस्पताल पहुंचे। वहां ज़ख़्मी लोगों को देख उनका चेहरा भी उतरा हुआ था। एक मां ने बताया कि वो अपने बेटे को खो चुकी है “वो तो बस विजय को देखने आया था, मुझे क्या पता था ये आखिरी बार होगा…”

