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Chandigarh : सीमा सुरक्षा बल ने पश्चिमी सीमा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित नया प्लान तैयार किया है। पंजाब, राजस्थान, गुजरात और जम्मू क्षेत्र में ड्रोन से होने वाली तस्करी और घुसपैठ को रोकने के लिए बीएसएफ अब एंटी ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करेगी।
हर पोस्ट तक सड़क और आधुनिक उपकरण
बीएसएफ वेस्टर्न कमांड, चंडीगढ़ के एडीजी सतीश एस. खंडारे ने मोहाली में बताया कि बॉर्डर की हर पोस्ट को सड़क से जोड़ा जा रहा है। सीमा पर एंटी टनल तकनीक, नाइट विजन कैमरे और रडार सिस्टम लगाए जा रहे हैं ताकि संदिग्ध गतिविधियों का तुरंत पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे घुसपैठ पर रोक लगेगी और राष्ट्र विरोधी घटनाएं कम होंगी।
मानसून में टूटी फेंसिंग और तस्करी की कोशिशें
पंजाब में इस मानसून आई बाढ़ में कई जगह फेंसिंग टूट गई थी। बीएसएफ जवानों ने तेजी से काम करते हुए दोबारा फेंसिंग लगाई और राहत सामग्री भी पहुंचाई। एडीजी ने बताया कि फेंसिंग टूटने का फायदा उठाकर सीमा पार से हथियार और नशा भेजने की कोशिश की गई, लेकिन बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाकर बड़ी मात्रा में हथियार और ड्रग्स बरामद किए।
ड्रोन से होने वाली स्मगलिंग पर बड़ी कार्रवाई
एडीजी खंडारे के अनुसार, पश्चिमी सीमा पर ड्रोन के जरिए भेजे जाने वाले हथियार और नशीले पदार्थों को रोकने में बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2025 में बीएसएफ ने 380 किलो से अधिक हेरोइन और 200 से अधिक हथियार जब्त किए हैं। साथ ही 53 पाकिस्तानी घुसपैठिए और तस्कर पकड़े गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ ने दुश्मन के सर्विलांस सिस्टम को नष्ट कर घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया।
सीमा पर इस्तेमाल होने वाले पाकिस्तानी ड्रोन का भी सक्रिय रूप से मुकाबला किया गया और एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए।
वीरता को मिला सम्मान
सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों की बहादुरी की प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने सराहना की है। बहादुर जवानों को 2 वीर चक्र और 16 अन्य वीरता पुरस्कार दिए गए।
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