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Ranchi : रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट के लिए यात्रियों की भीड़ और जल्द टिकट मिलने की परेशानी का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध कमाई का रास्ता अपना लेते हैं। ऐसा ही एक मामला रांची के हटिया रेलवे स्टेशन पर सामने आया, जहां रेलवे सुरक्षा बल की कार्रवाई में तत्काल टिकटों के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ। 28 जून 2026 की सुबह हटिया रेलवे स्टेशन का आरक्षण केंद्र रोज की तरह यात्रियों की आवाजाही से भरा हुआ था। इसी बीच आरपीएफ की अपराध आसूचना शाखा, रांची को मिली सूचना के आधार पर स्टेशन के पीआरएस काउंटर पर निगरानी बढ़ा दी गई थी। टीम को शक था कि यहां से कोई व्यक्ति अवैध तरीके से तत्काल टिकटों का कारोबार कर रहा है। इसी दौरान करीब 11 बजे के बाद एक युवक आरक्षण काउंटर से टिकट और कुछ खाली आरक्षण फॉर्म लेकर जल्दी-जल्दी बाहर निकलता दिखाई दिया। उसकी गतिविधियां देखकर आरपीएफ टीम को शक हुआ। जवानों ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की।
शक से शुरू हुई पूछताछ और सामने आया टिकट का खेल
पूछताछ में युवक ने अपना नाम मुस्लिम अंसारी बताया। वह गिरिडीह जिले का रहने वाला है। आरपीएफ टीम ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से एक तत्काल स्लीपर टिकट मिला, जो पारसनाथ स्टेशन से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक का था। टिकट की कीमत 4,040 रुपये थी। इसके अलावा उसके पास तीन खाली आरक्षण आवेदन फॉर्म, एक मोबाइल फोन और 820 रुपये नकद मिले। आरपीएफ ने जब मोबाइल और बरामद दस्तावेजों के बारे में जानकारी जुटाई तो मामला सामान्य टिकट बुकिंग का नहीं, बल्कि अवैध कारोबार का निकला।
यात्रियों की मजबूरी का उठाता था फायदा
आरपीएफ की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले करीब एक से दो महीने से तत्काल टिकटों की खरीद बिक्री कर रहा था। तत्काल टिकट की मांग ज्यादा होने और कम समय में टिकट खत्म हो जाने का फायदा उठाकर वह यात्रियों से अतिरिक्त पैसे वसूलता था। आरोपी यात्रियों से टिकट की कीमत के अलावा करीब 500 रुपये ज्यादा लेता था। यानी एक टिकट पर वह सीधे अतिरिक्त कमाई कर रहा था।
पहचान छिपाने के लिए अपनाता था नया तरीका
जांच में सामने आया कि आरोपी टिकट बेचने के लिए एक खास तरीका अपनाता था। वह पहले अपने नाम से तत्काल टिकट बनवाता था। इसके बाद आधार कार्ड में बदलाव कर अपनी फोटो हटाकर ग्राहक की फोटो लगा देता था, ताकि टिकट की जांच के समय ग्राहक का नाम और पहचान सही दिखाई दे। आरपीएफ के अनुसार, आरोपी इसी तरीके से रेलवे व्यवस्था को चकमा देकर यात्रियों को टिकट उपलब्ध करा रहा था। 28 जून को भी आरोपी ने अपने नाम से चार यात्रियों के लिए तत्काल टिकट बनवाया था। आरपीएफ टीम ने कार्रवाई के दौरान उसे पकड़ लिया और उसके पास मौजूद सभी सामान को जब्त कर लिया।
ऑपरेशन “उपलब्ध” के तहत हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल के ऑपरेशन “उपलब्ध” के तहत की गई। अभियान का नेतृत्व अपराध आसूचना शाखा, रांची के निरीक्षक लाल बहादुर ने किया। टीम में अपराध आसूचना शाखा के संजय कुशवाहा, के.एम.ए. सिंह, सी.के. सिंह और आरपीएफ पोस्ट हटिया के एएसआई संजय बैठा, एएसआई सुबोध कुमार सिंह और कांस्टेबल धीरज कुमार शामिल थे।
रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आरपीएफ ने आरोपी मुस्लिम अंसारी को रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 179 के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद आरपीएफ पोस्ट हटिया में धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। रेलवे सुरक्षा बल अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस अवैध टिकट नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं। साथ ही यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे किसी दलाल के माध्यम से टिकट न खरीदें और केवल अधिकृत माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।
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