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Ranchi : राजधानी रांची के कांके रोड स्थित मुक्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक दिलचस्प कूटनीतिक हलचल देखने को मिली, जब सात समंदर पार से आए ऑस्ट्रेलियाई राजनयिक और सूबे के मुखिया सीएम हेमंत सोरेन आमने-सामने बैठे। मौका था कोलकाता में पदस्थापित ऑस्ट्रेलियाई महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच की शिष्टाचार मुलाकात का। मौके पर चाय की चुस्कियों के बीच बात सीधे उस धरातल पर पहुंची जहां से झारखंड की खनिज संपदा और युवाओं के हुनर को ग्लोबल मंच मिल सकता है।
खनिज से लेकर क्लासरूम तक सहयोग का दायरा
झारखंड की धरती में बेशकीमती खनिज छिपे हैं और ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया की सबसे आधुनिक माइनिंग तकनीक और विशेषज्ञता है। दोनों पक्षों ने इसी बिंदु को केंद्र में रखकर बातचीत को आगे बढ़ाया। सीएम ने साफ संकेत दिए कि राज्य अब सिर्फ कच्चा माल निकालने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि यहां के युवाओं को नई सदी के हुनर से लैस करना चाहता है। बातचीत का दायरा खदानों से निकलकर उच्च शिक्षा के गलियारों तक पहुंचा। इसमें कौशल विकास, खेलों की दुनिया, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और अनछुए पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर विस्तार से मंथन हुआ।

अधिकारियों की मौजूदगी में तैयार हुआ खाका
मुलाकात के दौरान नीतिगत बारीकियों को समझने के लिए राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी मेज पर मौजूद रहे। वहीं ऑस्ट्रेलियाई पक्ष से वरिष्ठ अनुसंधान एवं भ्रमण अधिकारी एंजेलीना नायर ने भी चर्चा में तकनीकी और कूटनीतिक इनपुट्स जोड़े। बैठक का लब्बोलुआब यह रहा कि ऑस्ट्रेलिया और झारखंड सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। अगर यह तालमेल सही दिशा में आगे बढ़ा, तो आने वाले समय में राज्य के युवाओं के लिए न केवल विदेश में पढ़ाई के बेहतर रास्ते खुलेंगे, बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी नए निवेश की मजबूती मिलेगी।
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