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Pakur (Jaydev Kumar) : दुर्गापूजा का नाम आते ही आंखों के सामने रंग-बिरंगे पंडाल, देवी मां की भव्य प्रतिमाएं और भक्ति संगीत की गूंज तैरने लगती है। झारखंड के पाकुड़ जिले में भी मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। लेकिन इस बार उत्सव की उमंग के साथ प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं।
सुरक्षा पर नजर, सोशल मीडिया पर रोक : डीसी
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में DC मनीष कुमार ने साफ कहा कि दुर्गापूजा केवल आस्था का नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द का पर्व है। उन्होंने सभी पूजा समितियों को याद दिलाया कि पंडाल केवल तय स्थानों पर ही लगेंगे और महिलाओं-पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था जरूरी होगी। उनका संदेश साफ था… “त्योहार सभी का है, तो जिम्मेदारी भी सबकी है।”
डीसी ने समितियों को सचेत किया कि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर डालने की सख्त मनाही होगी। प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग करेगा और किसी अप्रिय स्थिति की आशंका होते ही तुरंत सूचना देने को कहा गया है। उनका कहना था कि प्रशासन पूरी सजगता से काम कर रहा है, लेकिन सफलता तभी मिलेगी जब समाज भी साथ दे।
CCTV अनिवार्य, डीजे और अश्लील गानों पर पूरी तरह पाबंदी : एसपी
बैठक में पुलिस कप्तान निधि द्विवेदी ने भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर पंडाल में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। डीजे और अश्लील गानों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। केवल भक्ति और सांस्कृतिक गीतों की धुन ही वातावरण को पवित्र बनाएगी। विसर्जन जुलूस भी केवल तय मार्ग से ही निकलेगा और पूरे समय पुलिस बल मौजूद रहेगा।
एसपी ने पूजा समितियों से कहा कि वालिंटियर्स पहचान पत्र और टोपी पहनकर ड्यूटी दें ताकि श्रद्धालुओं को आसानी से मदद मिल सके। उनकी अपील थी कि पूजा केवल भव्यता से नहीं, बल्कि अनुशासन और सहयोग से सफल होगी।
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