Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Monday, 16 March, 2026 • 10:01 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » कहावतों की महक से महका डीपीएस पाकुड़, बच्चों ने दिखाया भाषाओं का अनोखा संगम
झारखंड

कहावतों की महक से महका डीपीएस पाकुड़, बच्चों ने दिखाया भाषाओं का अनोखा संगम

December 8, 2025No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
डीपीएस
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Pakur (Jaydev Kumar) : डीपीएस पाकुड़ में चल रहे भाषा उत्सव 2025 का चौथा दिन बच्चों के लिए बेहद रोचक रहा। इस दिन का विषय था भारतीय कहावतें और उनमें दिखने वाली समान भावनाएं। विभिन्न कक्षाओं के छात्रों ने भारत की अलग-अलग भाषाओं की कहावतें सीखी, समझीं और मंच पर सुनाईं।

कई भाषाओं में एक जैसा संदेश

कार्यक्रम में लगभग 11 भारतीय भाषाओं… हिंदी, उर्दू, असमी, पंजाबी, तमिल, संस्कृत, बंगाली, ओड़िया, गुजराती, सिंधी और मराठी की कहावतें शामिल की गईं। बच्चों ने बताया कि भाषा चाहे कोई भी हो, सीख एक जैसी होती है। जैसे हिंदी की कहावत एकता में बल है को उन्होंने इंग्लिश, तमिल और अन्य भाषाओं में भी समझाया।

Advertisement Advertisement

कहावतों के जरिए सरल सीख

कई विद्यार्थियों ने मेहनत, नैतिकता और जीवन व्यवहार पर आधारित कहावतें पेश कीं। उदाहरण के तौर पर कड़ी मेहनत का फल मीठा होता है को मराठी और गुजराती में भी समझाया गया। इससे बच्चों ने महसूस किया कि हर भाषा में जीवन के अनुभवों को बहुत ही आसान तरीके से पीढ़ी दर पीढ़ी पहुंचाया जाता है।

निदेशक ने समझाया भाषाओं का सांस्कृतिक संबंध

विद्यालय के निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने कहा कि कहावतें किसी भी भाषा की आत्मा होती हैं। उन्होंने अधजल गगरी छलकत जाए, आप बुरे तो जग बुरा जैसी कई कहावतों के उदाहरण देकर बच्चों को उनका वास्तविक अर्थ समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि कहावतें सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि अनुभव का सार होती हैं।

प्रधानाचार्य ने बताया कहावतों का महत्व

प्रधानाचार्य जे. के. शर्मा ने कहा कि अलग-अलग भाषाओं की कहावतों में भाव एक ही रहता है। उनके अनुसार कहावतें जीवन की चुनौतियों को समझने, सही निर्णय लेने और मुश्किल समय में मार्गदर्शन देने का काम करती हैं। उन्होंने बच्चों को रोजमर्रा के जीवन में इनका उपयोग करने की सलाह दी।

इसे भी पढ़ें : पाकुड़ का यह बीयर गोदाम सील… जानें क्यों

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous ArticleIAS अधिकारियों का ताबड़तोड़ तबादला, कौन गया कहां… देखें लिस्ट
Next Article झारखंड न्यायिक सेवा में बड़ा बदलाव, कौन कहां गये… देखें लिस्ट

Related Posts

Headlines

भोरे-भोर एनका’उंटर : प्रिंस खान के दो गुर्गों को लगी गोली, एक का टूटा पैर

March 16, 2026
Headlines

रांची में खपाये जा रहे थे गुमला से चोरी हुए मवेशी, थानेदार ने ध्वस्त किया नेटवर्क

March 15, 2026
Headlines

ATM कार्ड से खेला कर खाते से उड़ा देता माल, कैसे… राज खोल गये SP… देखें वीडियो

March 15, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

भोरे-भोर एनका’उंटर : प्रिंस खान के दो गुर्गों को लगी गोली, एक का टूटा पैर

March 16, 2026

राशिफल @ 16 मार्च 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

March 16, 2026

रांची में खपाये जा रहे थे गुमला से चोरी हुए मवेशी, थानेदार ने ध्वस्त किया नेटवर्क

March 15, 2026

ATM कार्ड से खेला कर खाते से उड़ा देता माल, कैसे… राज खोल गये SP… देखें वीडियो

March 15, 2026

दोपहर बाद बदला मौसम, राजधानी सहित कई जिलों में अलर्ट

March 15, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.