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Ranchi (Om Prakash) : राजधानी रांची का बिशप हार्टमैन अकैडमी परिसर आज कुछ अलग ही नजर आ रहा था। रंगीन सजावट, हल्की रोशनी और बच्चों की खिलखिलाहट ने माहौल को उत्सव में बदल दिया था। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के साझा सपनों का मंच था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच के पीछे हलचल साफ दिख रही थी। कोई बच्चा अपनी पोशाक ठीक कर रहा था तो कोई आंखें बंद कर अंतिम बार अपनी पंक्तियां दोहरा रहा था। सहपाठी एक-दूसरे को हौसला दे रहे थे। यह पल बच्चों के लिए सीख, आत्मविश्वास और दोस्ती का प्रतीक था।
दीप प्रज्वलन से हुई समारोह की शुरुआत
दीप प्रज्वलन के साथ 23वें वार्षिक दिवस का औपचारिक शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि फादर मार्शल दयासागर बारला, सम्मानित अतिथि फादर रेजीनल्ड फर्टर्डो, विद्यालय प्रबंधक फादर बेसिल रौंदा, फादर मुक्ति सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह को गरिमा प्रदान की।

पुरातन युग से नवयुग तक की जीवंत प्रस्तुति
इस वर्ष का विषय पुरातन युग से नवयुग रहा। बच्चों ने नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से संस्कृति, परंपरा और आधुनिक सोच को जोड़ते हुए समय की यात्रा कराई। हर प्रस्तुति में टीमवर्क और अनुशासन साफ झलक रहा था।
दर्शक दीर्घा में भावनाओं की गूंज
दर्शक दीर्घा में बैठे अभिभावकों के चेहरे गर्व से भरे थे। कई माता-पिता भावुक होकर अपने बच्चों को मंच पर देखते रहे। तालियों की गूंज बच्चों के आत्मविश्वास को और मजबूत कर रही थी।
अतिथियों का स्वागत और प्रेरणादायी संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर ऑसवाल्ड मढ़ता और सहायक प्रधानाचार्य फादर ज्योति प्रकाश ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अतिथियों ने बच्चों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
यादों में बस गया वार्षिक दिवस
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मंच शांत हो गया, लेकिन बच्चों की मुस्कान और अभिभावकों का गर्व देर तक बना रहा। बिशप हार्टमैन अकैडमी का यह वार्षिक दिवस सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाला एक यादगार अनुभव बन गया।
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