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Ranchi : जीएसटी में कथित गड़बड़ी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम झारखंड और पश्चिम बंगाल में चार ठिकानों पर तलाशी ले रही है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत की जा रही है। जांच का केंद्र जमशेदपुर का एक उद्योगपति, उसका लेखाकार और उनसे जुड़े कुछ अन्य लोग बताए जा रहे हैं।
जमशेदपुर के तीन और कोलकाता के एक परिसर में पहुंची टीम
ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, तलाशी अभियान में जमशेदपुर के तीन और कोलकाता का एक परिसर शामिल है। इन सभी जगहों पर ईडी के अधिकारी कारोबारी लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी जीएसटी लेनदेन के जरिए किस तरह सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
जांच में आरोप है कि संबंधित उद्योगपति ने ऐसी संस्थाओं से माल खरीदने के फर्जी चालान हासिल किए, जिनके वास्तविक अस्तित्व को लेकर सवाल हैं। इन चालानों के आधार पर बिना माल की वास्तविक आपूर्ति के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का आरोप है। सामान्य तौर पर कारोबारी अपनी वास्तविक खरीद पर चुकाए गए जीएसटी को तय नियमों और शर्तों के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में समायोजित कर सकते हैं। आरोप है कि इसी व्यवस्था का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी चालानों के जरिए कितनी राशि का आईटीसी लिया गया। साथ ही एजेंसी यह भी जांच रही है कि इन लेनदेन में कौन-कौन सी कंपनियां या संस्थाएं शामिल थीं और उनके बीच पैसों का लेनदेन किस तरीके से हुआ।
करीब 730 करोड़ के कथित जीएसटी घोटाले से जुड़ा है मामला
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई करीब 730 करोड़ रुपए के कथित जीएसटी घोटाले से जुड़े मामले में की जा रही है। संबंधित उद्योगपति स्क्रैप कारोबार से जुड़े हैं। इससे पहले वर्ष 2025 में भी ईडी ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई के बाद उद्योगपति को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की बात सामने आई थी। पिछली कार्रवाई के दौरान भी उनके आवास और आदित्यपुर स्थित कंपनी परिसर की तलाशी ली गई थी। ईडी की टीम ने कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की थी। अब एक बार फिर जांच आगे बढ़ने के साथ एजेंसी पुराने और नए वित्तीय लेनदेन के बीच संबंध तलाश रही है।
दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड खंगाल रही ईडी
मौजूदा कार्रवाई के दौरान ईडी की टीम चारों परिसरों में उपलब्ध दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों की नजर कथित फर्जी कंपनियों, चालानों और उनसे जुड़े बैंक लेनदेन पर है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी आईटीसी का लाभ लेने के बाद रकम कहां और किस तरह इस्तेमाल की गई। फिलहाल छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ईडी की कार्रवाई देर शाम तक जारी रहने की संभावना है। तलाशी पूरी होने और दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में संबंधित उद्योगपति और उनकी कंपनी की क्या भूमिका रही है और कथित वित्तीय अनियमितताओं में किन अन्य लोगों या संस्थाओं की भूमिका सामने आती है।



