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Patna : बिहार की राजधानी पटना स्थित ताज सिटी सेंटर में गुरुवार को आयोजित ‘राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट 2026’ में सीएम सम्राट चौधरी ने देश और दुनिया भर से आए उद्यमियों के सामने राज्य के विकास का पूरा खाका पेश किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र की मौजूदगी में सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सीएम ने उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने निवेशकों से आह्वान किया कि वे ‘बिल्ड एंड बिलीव’ यानी बनाओ और भरोसा रखो के सकारात्मक भाव के साथ बिहार में अपनी पूंजी लगाएं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को न केवल लालफीताशाही से मुक्त माहौल देगी, बल्कि हर कदम पर जरूरी सुविधाएं और सहयोग भी मुहैया कराएगी।
सीएम सम्राट चौधरी ने निवेशकों के सामने सबसे बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को अपने उत्पाद बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अगर राज्य में बने सामान तय गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होंगे, तो सरकारी खरीद में उन्हें पहली प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने फैसला किया है कि वह ऐसे उत्पादों का 25 प्रतिशत हिस्सा सीधे खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उद्योगों को स्थानीय स्तर पर तैयार बाजार उपलब्ध कराने के मकसद से सरकारी खरीद नीति में जरूरी संशोधन किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि 14 करोड़ की आबादी वाले बिहार को केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि एक विशाल बाजार और मजबूत आर्थिक ताकत के तौर पर देखा जाना चाहिए ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़े और युवाओं को मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े।

नदियों की गाद से बनेंगी सड़कें, कृषि फीडरों को मिलेगा सौर ऊर्जा का साथ
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की नई सोच का ब्योरा देते हुए बताया कि बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने अपनी अलग ‘गाद नीति’ तैयार की है। बिहार को हर साल नेपाल और पड़ोसी राज्यों से आने वाले पानी के चलते भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ता है। गंगा, कोसी और गंडक जैसी बड़ी नदियों में भारी मात्रा में गाद जमा हो जाती है। नई नीति के तहत नदियों से निकाली जाने वाली गाद और मिट्टी को बेकार फेंकने के बजाय सड़क निर्माण और अन्य सरकारी विकास योजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे निर्माण सामग्री की लागत में भारी कमी आएगी और सरकारी खजाने की बचत होगी।
बाढ़ और सूखे के स्थाई समाधान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोसी नदी क्षेत्र में आधुनिक टाउनशिप और औद्योगिक गलियारे विकसित करने की संभावनाओं पर काम चल रहा है। दक्षिण बिहार के सूखा प्रभावित इलाकों तक गंगा का पानी पेयजल और सिंचाई के लिए पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाते हुए सरकार सभी कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने में जुटी है। इससे किसानों को दिन के समय खेती के लिए निर्बाध बिजली मिलेगी और सरकार पर पड़ने वाला बिजली सब्सिडी का बोझ भी काफी कम हो जाएगा।

500 से बढ़कर 10 हजार मेगावाट हुई बिजली, बाबा हरिहरनाथ के लिए बनेगा भव्य रोप-वे
राज्य के आधारभूत ढांचे में आए बदलावों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पुराने और नए दौर के आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 तक बिहार में केवल 8 हजार किलोमीटर सड़कों का सीमित नेटवर्क था, जो आज बढ़कर लगभग 1.5 लाख किलोमीटर हो चुका है। ग्रामीण सड़कों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे का संजाल राज्य भर में फैल रहा है। बिजली के क्षेत्र में आई क्रांति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2005 में राज्य को सिर्फ 500 मेगावाट बिजली मिलती थी, जबकि आज 10 हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो रही है। सरकार का अगला लक्ष्य आने वाले पांच वर्षों में इस क्षमता को बढ़ाकर 20 हजार मेगावाट करने का है।
पर्यटन और आवागमन को आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पटना से गंगा नदी के ऊपर होते हुए सीधे सोनपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोप-वे परियोजना शुरू करने की पहल की जा रही है। इसके अलावा जल परिवहन और ईको टूरिज्म पर भी तेजी से काम चल रहा है। पटना और गया सहित कई प्रमुख शहरों में नए होटलों और पर्यटन परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक नालंदा, विक्रमशिला, पाटलिपुत्र, भगवान बुद्ध, महावीर और गुरु गोविंद सिंह जी की विरासत को याद करते हुए कहा कि ज्ञान की यह पावन धरती अब नए औद्योगिक युग के लिए पूरी तरह तैयार है।
गडकरी ने की बिहार के विजन की तारीफ, केंद्र से मिला पूरे सहयोग का भरोसा
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और विजन की जमकर सराहना की। गडकरी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मजबूत इच्छाशक्ति के चलते बिहार में बुनियादी ढांचे पर बेहतरीन काम हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार के सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स और समग्र विकास में केंद्र सरकार हर संभव सहायता जारी रखेगी।
इस भव्य आयोजन के दौरान उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, वित्त एवं नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, नगर विकास सचिव अनिमेष पराशर और उद्योग निदेशक मुकुल गुप्ता सहित देश-विदेश से जुटे सैकड़ों निवेशक मौजूद रहे।
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