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News Samvad : हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कुछ नए नियम और बदलाव लेकर आती है। इस बार भी 1 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग, LPG सब्सिडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इन बदलावों का सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जो LPG सब्सिडी लेते हैं, बड़ी रकम की FD कराते हैं या जन्म और मृत्यु का देर से पंजीकरण कराते हैं। ऐसे में अगर आप भी LPG सिलेंडर लेते हैं, बैंक में FD कराने की योजना बना रहे हैं या परिवार में जन्म अथवा मृत्यु के किसी पुराने मामले का पंजीकरण कराना बाकी है, तो नए नियमों की जानकारी आपके लिए जरूरी है।
LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी
1 अक्टूबर 2026 से LPG सब्सिडी को लेकर नया नियम लागू होने जा रहा है। सब्सिडी वाले सिलेंडर का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी BAA जरूरी होगा। जिन LPG ग्राहकों ने अभी तक अपना आधार ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं कराया है, उन्हें यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आधार ऑथेंटिकेशन नहीं कराने पर LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह बंद हो जाएगी। ऐसे ग्राहकों को सिलेंडर मिलता रहेगा, लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाएगा। यानी उन्हें सिलेंडर मौजूदा बाजार कीमत पर खरीदना पड़ सकता है।
सरकार के मुताबिक, आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि LPG सब्सिडी का फायदा सही लाभार्थियों तक पहुंचे। इससे घरेलू LPG के गलत इस्तेमाल को रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। 19 सितंबर 2026 तक करीब 89.9 प्रतिशत एक्टिव LPG ग्राहकों का बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा हो चुका था। ऐसे में अगर आपने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो 1 अक्टूबर से पहले इसे करा लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
बड़ी FD वालों के लिए बदलेंगे बल्क डिपॉजिट के नियम
बैंक में बड़ी रकम की FD कराने वाले ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से नियम बदलने जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने बल्क डिपॉजिट की सीमा में बदलाव किया है। अब 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की FD को बल्क डिपॉजिट माना जाएगा। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। नए नियमों के तहत बैंक बल्क FD पर अपनी जरूरत और नीतियों के अनुसार ब्याज दर तय कर सकेंगे। इसके अलावा FD की ब्याज दरों को लेकर भी बैंकों को कुछ नियमों का पालन करना होगा। बैंकों को हर कार्य दिवस सुबह 10 बजे तक अपनी FD की ब्याज दरें वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। इसके लिए RBI ने 10 मिनट का ग्रेस पीरियड दिया है। यानी सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक नई ब्याज दर वेबसाइट पर दिखाई देनी चाहिए। इसके साथ ही एक ही तारीख को समान रकम और समान अवधि के लिए कराई गई FD पर सभी बैंक शाखाओं में एक जैसी ब्याज दर रखनी होगी। इससे ग्राहकों को अलग-अलग शाखाओं में मिलने वाली ब्याज दरों को लेकर भ्रम कम होगा और दरों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
जन्म-मृत्यु का देर से पंजीकरण कराना होगा मुश्किल
1 अक्टूबर 2026 से जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नए प्रावधान भी लागू होंगे। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन कानून के तहत देर से पंजीकरण कराने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले सख्त की गई है। अगर जन्म या मृत्यु की घटना के दो साल से ज्यादा समय बाद पंजीकरण कराया जाता है, तो इसके लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा। वहीं, अगर पंजीकरण में देरी एक साल से ज्यादा लेकिन दो साल के भीतर है, तो जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी लेनी होगी।अधिकारी संबंधित जानकारी और दस्तावेजों की जांच करने के बाद पंजीकरण की अनुमति देंगे। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। नए प्रावधानों का उद्देश्य जन्म और मृत्यु की घटनाओं की समय पर सूचना देने और उनका सही तरीके से रिकॉर्ड तैयार करने को बढ़ावा देना है।
यह संशोधन जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में बदलाव करता है। कानून में संशोधन संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद किया गया है। इससे पहले भी 2023 में इस कानून में बदलाव किया गया था, जिसके प्रावधान 1 अक्टूबर 2023 से लागू हुए थे। इस तरह 1 अक्टूबर से होने वाले ये बदलाव अलग-अलग तरह से आम लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। LPG सब्सिडी लेने वालों के लिए आधार ऑथेंटिकेशन, बड़ी FD कराने वालों के लिए बल्क डिपॉजिट के नए नियम और देर से जन्म-मृत्यु पंजीकरण कराने वालों के लिए नई मंजूरी प्रक्रिया को समझना जरूरी होगा।
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