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Ranchi : रांची सिविल कोर्ट के एडवोकेट गोपी कृष्ण हत्याकांड में मंगलवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। अपर न्यायायुक्त कुलदीप की अदालत ने दो अभियुक्तों रोशन मुंडा और संदीप कालिंदी को उम्र कैद की सजा दी है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। एक आरोपी खेमलाल कालिंदी को बरी कर दिया गया। यह फैसला लगभग एक साल तीन महीने में आया।
DSP प्रकाश सोय को मिली थी जांच की कमान
एडवोकेट गोपी कृष्ण की हत्या के बाद जिले में तनाव का माहौल था। तभी तत्कालीन SSP चंदन कुमार सिन्हा ने मामले की जांच की जिम्मेदारी कोतवाली DSP प्रकाश सोय को सौंपी। उन्होंने तत्काल एक विशेष टीम बनाई और इलाके में लगातार छापेमारी शुरू की।
DSP की तेजी ने 72 घंटे में पकड़ लिए थे आरोपी
घटना 2 अगस्त 2024 को हुई थी। इसके सिर्फ तीन दिन बाद, 5 अगस्त को DSP प्रकाश सोय की टीम ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रैक की, संभावित ठिकानों पर लगातार दबाव बनाया और आखिरकार दोनों को पकड़कर जेल भेज दिया।
कैसे हुई थी हत्या
एडवोकेट गोपी कृष्ण मधुकम महुआ टोली में अपने घर के पास खड़े थे, तभी एक अपराधी ने अचानक आकर उनके सिर के बीचों बीच चाकू घोंप दिया। उन्हें गंभीर हालत में रिम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर से चाकू निकाला, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
वकील समाज में था आक्रोश
घटना के बाद वकीलों ने विरोध जताया और त्वरित कार्रवाई की मांग की। मृतक की पत्नी अनिमा देवी ने सुखदेव नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
फैसले के बाद DSP की भूमिका फिर चर्चा में
कोर्ट के फैसले के बाद वकील समुदाय ने राहत जताई। जिला बार एसोसिएशन के महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने कहा कि परिवार को न्याय मिला है। लोगों ने कहा कि अगर DSP प्रकाश सोय की टीम शुरू से सक्रिय न होती तो आरोपियों का पकड़ा जाना मुश्किल होता।
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