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Pakur (Jaydev Kumar) : पुलिस लाइन परिसर आमतौर पर अनुशासन, ड्यूटी और जिम्मेदारियों से जुड़ा स्थान माना जाता है। यहां तैनात पुलिसकर्मी अक्सर अपनी ड्यूटी में इतने व्यस्त रहते हैं कि उनके बच्चों के लिए खेलने और खुलकर मुस्कुराने की जगहें सीमित रह जाती हैं। ऐसे माहौल में जब पुलिस लाइन परिसर के भीतर ही बच्चों के लिए एक चिल्ड्रन पार्क बनकर तैयार हुआ, तो यह सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि कई परिवारों के लिए राहत और खुशियों की सौगात बन गया।
वर्दी की सख्ती के बीच बच्चों को मिला सुकून
नवनिर्मित चिल्ड्रन पार्क का उद्घाटन डीसी मनीष कुमार और एसपी निधि द्विवेदी ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के दौरान जैसे ही पार्क के झूले, फिसलपट्टी और खेल उपकरण बच्चों के लिए खोले गए, पुलिस लाइन में बच्चों की हंसी गूंज उठी। लंबे समय से ऐसे सुरक्षित स्थान की प्रतीक्षा कर रहे पुलिसकर्मियों के परिवारों के चेहरों पर भी संतोष और खुशी साफ नजर आई।

पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए खास पहल
यह पार्क खासतौर पर पुलिसकर्मियों के बच्चों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहां सुरक्षा, स्वच्छता और बच्चों की उम्र के अनुसार खेल सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। अक्सर कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए यह पार्क एक भरोसे का स्थान है, जहां उनके बच्चे सुरक्षित माहौल में खेल सकेंगे।
खेल से सीख, खेल से विकास
उद्घाटन के मौके पर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों का विकास केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। खेल बच्चों को न सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि उन्हें आपसी सहयोग, धैर्य और आत्मविश्वास भी सिखाते हैं। यह चिल्ड्रन पार्क बच्चों को मोबाइल और बंद कमरों से बाहर निकालकर प्रकृति और साथियों से जुड़ने का अवसर देगा।

माता-पिता के लिए राहत, बच्चों के लिए आजादी
पुलिस लाइन में रहने वाले कई अभिभावकों का कहना है कि अब उनके बच्चों को खेलने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। ड्यूटी के बाद जब वे अपने बच्चों को पार्क में हँसते-खेलते देखते हैं, तो दिनभर की थकान खुद-ब-खुद कम हो जाती है। यह पार्क बच्चों के लिए आजादी और माता-पिता के लिए मानसिक सुकून का स्थान बनता जा रहा है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर परियोजना निदेशक आईटीडीए, अपर समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, डीएसपी अजय आर्यन, नगर परिषद के प्रशासक अमरेन्द्र कुमार चौधरी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने पार्क का निरीक्षण किया और इसे पुलिस लाइन में रहने वाले बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक सराहनीय और मानवीय पहल बताया।

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